फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   The work of ensnaring candidates begins with coaching.

Siddharthnagar News: कोचिंग से शुरू होता है अभ्यर्थियों के फंसाने का काम

Wed, 06 Mar 2024 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 06 Mar 2024 11:58 PM IST
विज्ञापन
The work of ensnaring candidates begins with coaching.
सिद्धार्थनगर। प्रतियोगी परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वालों का पूरा एक गैंग काम करता है। काम करने वाले अधिकांश लोग एक-दूसरे को जानते तक नहीं हैं। कोचिंग सेंटरों से शुरू होने वाले इस खेल में कई लोग शामिल होते हैं। कोई फंसाने का का काम करता है तो कोई सौदा और कोई साॅल्वर से भेजने का। एक तरफ से देखा जाए तो यह पूरा एक नेटवर्क जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन

पुलिस भर्ती परीक्षा में पकड़े गए पेपरलीक मामले की छानबीन में नये-नये राज सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को इन जालसाजों से बचने की जरूरत है। अगर इनके जाल में फंसे तो रकम तो जाएगी ही, इसके साथ ही मुकदमा भी दर्ज होगा, जैसा की पकड़े गए साॅल्वर को बैठाने वाले अभ्यर्थियों के साथ हुआ है। ऐसे में इस प्रकार के लोगों से सावधान होने की जरूरत है।
विज्ञापन


प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होने और साॅल्वरों के पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसमें परीक्षा रद्द होने के साथ ही अच्छी नौकरी हासिल करने की इच्छा में साॅल्वरों के झांसे में फंसने वाले युवाओं का कॅरिअर भी बर्बाद हो रहा है। जिले में 17 है और 18 फरवरी को पुलिस भारती की लिखित परीक्षा हुई थी। इसमें 10 साॅल्वर और अभ्यर्थी पकड़े गए थे। इनके खिलाफ धोखाधड़ी परीक्षा अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। पकड़े गए साॅल्वर के एक सहयोगी से कुछ अहम जानकारी मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर आगे बढ़ी तो पता चला कि यह पेपर लीक करने में भी शामिल पाए। तीन बार में आठ लीक करने वाले पुलिस के हाथ लगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इसमें एक पूरा नेटवर्क काम करता है। जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर के इर्द- गिर्द मंड़राता है। इसमें परीक्षा नजदीक आने के साथ ही युवाओं को गुमराह करते हैं। उन्हें फंसाते हैं। फिर परीक्षा पास कराने का सौदा शुरू होता है। नौकरी की चाहत में युवा फंस जाते हैं। रुपये तो जाता ही है। पकड़े जाने पर आरोपी बन जाते हैं। ऐसे में इस प्रकार जालसाजों से युवाओं को बचने की जरुरत है। ऐसा पुलिस के जिम्मेदार बताते हैं।

इस प्रकार से करते हैं फंसाने का काम

मिली जानकारी के अनुसार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर के आसपास परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वाले गिरोह के लोग घूमते हैं। जब कोई परीक्षा नजदीक होती है तो लगातार कोचिंग के आसपास बैठना उठना शुरू कर देते हैं। युवाओं से मेल जोल बढ़ाते हैं। परीक्षा के बारे में चर्चा करते हैं। इसके बाद बताते हैं कि हमारे रिश्तेदार या फिर हमारे भाई व दोस्त की नौकरी लग गई। सामने वाला कहता है कि कैसे लगी। फिर चर्चा करते हैं कि उसके एक जानने वाले हैं, जो परीक्षा पास करा देते हैं। यहां तक की परीक्षा भी दूसरा व्यक्ति दे देगा। लेकिन इसके एवज में रुपये खर्च करना होगा। तब तक सामने वाले के मन में बैठ जाता है। इसके बाद रुपये का सौदा होता है। रुपये किस देना है कि वह देने वाले को पता नहीं रहता।
परीक्षा में कौन बैठेगा यह पता नहीं रहता है। अभ्यर्थी से पूरा अभिलेख और रकम ले लेते हैं। परीक्षा के एक दिन पहले जानकारी देते हैं कि फला व्यक्ति परीक्षा केंद्र पर मिलेगा जो तुम्हार पेपर देगा। रुपये देने वाले को परीक्षा देने वाला सॉल्वर भी उसी दिन मिलता है। जबकि इसमें ग्राहक फसानें वाला और रुपये लेने वाला अलग, अन्य कार्य करने वाला कोई दूसरा, साॅल्वर सेट करने वाला कोई और होता है। ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति परीक्षा का पास कराने का ठेका लेता है या फंसाने की कोशिश करता है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि यह आपके भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है।

रख लेते हैं मूल प्रमाण पत्र

परीक्षा देने वाला गिरोह पास होने के बाद अभ्यर्थी रुपये देने से मुकर न जाए, इसके लिए अभ्यर्थी का मूल प्रमाण भी रख लेते हैं। कारण परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद कौन किसको पहचानता है। नौकरी लगने पर वेरीफिकेशन होती है। जिसके लिए मूल अंकपत्र अनिवार्य है। ऐसे में अभ्यर्थी उसे छुड़ाने के लिए रुपये देता है। अगर राज खोले तो वह खुद फंस सकता है। इसलिए योजना के तहत फंसाने का कार्य करते हैं।


पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामले में पुलिस टीम जांच कर रही है। अबतक कई आरोपी पकड़े भी जा चुके हैं। युवाओं को जागरूक होने की जरूरत है। अगर कोई परीक्षा पास कराने का ठेका लेता है तो उसके झांसे में न आएं। क्योंकि इससे भविष्य खराब हो जाता है। अगर कोई ऐसा झांसा देता है तो तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed