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Siddharthnagar News: एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश मामले की पीड़िता की तबीयत फिर बिगड़ी...डेढ़ घंटे भर्ती रही
Tue, 01 Oct 2024 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 01 Oct 2024 12:47 AM IST
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दरिंदगी की कोशिश की शिकार महिला पति की मौत की घटना के सदमे से नहीं उबर पा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार (सिद्धार्थनगर)।
लखनऊ से 29 अगस्त को पति का इलाज करवा कर घर लौटते समय एंबुलेंस चालक और उसके साथी की दरिंदगी की कोशिश के सदमे से पीड़िता उबर नहीं पा रही है। इस कारण बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ जा रही है। सोमवार को एक बार फिर अचानक उसकी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया। करीब डेढ़ घंटे इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। बहन की बार-बार तबीयत बिगड़ने को देखते हुए उसका भाई अब उसे मेडिकल कॉलेज में दिखाने की तैयारी में है।
घटना के करीब एक महीने बाद भी पीड़िता एंबुलेंस में हुए घटनाक्रम के सदमे से उबर नहीं पा रही है। सोमवार दोपहर में अचानक पीड़िता की तबीयत फिर से खराब हो गई, तो परिवार के लोगों ने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां करीब डेढ़ घंटे इलाज के बाद पीड़िता ने राहत महसूस की तब चिकित्सकों ने उसे घर भेज दिया। पीड़िता का कहना है कि वह उस रात का घटनाक्रम भूल नहीं पा रही। अक्सर उस दिन की घटना दिमाग में हर वक्त कौंधती रहती है, जिसे सोचकर मन बेचैन होने के साथ घबराहट सी होने लगती है। उसके बाद पूरे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. एस गयासुद्दीन ने बताया कि पीड़िता परिवार के साथ दोपहर में आई थी, जिसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। उसे आराम महसूस होने पर परिवार के साथ घर भेज दिया गया।
भाई ने मेडिकल कॉलेज में दिखाने की बात कही
पीड़िता के भाई ने कहा कि उस दिन के घटनाक्रम को याद कर बहन की तबीयत खराब हो जाती है। बहन का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों का चक्कर लगा रहा है। घटना के बाद से वह अपनी बहन के घर ही है। उसने बताया कि बहन की तबीयत में कुछ सुधार हो जाए तो उसे इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज लेकर जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार (सिद्धार्थनगर)।
लखनऊ से 29 अगस्त को पति का इलाज करवा कर घर लौटते समय एंबुलेंस चालक और उसके साथी की दरिंदगी की कोशिश के सदमे से पीड़िता उबर नहीं पा रही है। इस कारण बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ जा रही है। सोमवार को एक बार फिर अचानक उसकी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया। करीब डेढ़ घंटे इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। बहन की बार-बार तबीयत बिगड़ने को देखते हुए उसका भाई अब उसे मेडिकल कॉलेज में दिखाने की तैयारी में है।
घटना के करीब एक महीने बाद भी पीड़िता एंबुलेंस में हुए घटनाक्रम के सदमे से उबर नहीं पा रही है। सोमवार दोपहर में अचानक पीड़िता की तबीयत फिर से खराब हो गई, तो परिवार के लोगों ने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां करीब डेढ़ घंटे इलाज के बाद पीड़िता ने राहत महसूस की तब चिकित्सकों ने उसे घर भेज दिया। पीड़िता का कहना है कि वह उस रात का घटनाक्रम भूल नहीं पा रही। अक्सर उस दिन की घटना दिमाग में हर वक्त कौंधती रहती है, जिसे सोचकर मन बेचैन होने के साथ घबराहट सी होने लगती है। उसके बाद पूरे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. एस गयासुद्दीन ने बताया कि पीड़िता परिवार के साथ दोपहर में आई थी, जिसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। उसे आराम महसूस होने पर परिवार के साथ घर भेज दिया गया।
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भाई ने मेडिकल कॉलेज में दिखाने की बात कही
पीड़िता के भाई ने कहा कि उस दिन के घटनाक्रम को याद कर बहन की तबीयत खराब हो जाती है। बहन का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों का चक्कर लगा रहा है। घटना के बाद से वह अपनी बहन के घर ही है। उसने बताया कि बहन की तबीयत में कुछ सुधार हो जाए तो उसे इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज लेकर जाएंगे।
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