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Siddharthnagar News: गलियां संकरी, आग लगी तो बचाना होगा मुश्किल

Mon, 14 Apr 2025 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:18 PM IST
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The streets are narrow, if a fire breaks out then rescue would be difficult
शहर के कपड़े मार्केट की सकरी सड़क। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। बस्ती जिले के हरैया क्षेत्र में एक मकान में आग लगी की घटना में मां और दो बच्चों की दम घुटने से जान से चली गई। जबकि, पिता गंभीर रूप से झुलस गया। इसी प्रकार की घटनाओं से यहां इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि, यहां जनपद मुख्यालय पर ऐसे मोहल्ले और गलियां हैं, जहां दमकल की बड़ी गाड़ी कौन कहे छोटी गाड़ी भी नहीं जा सकती है।
जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर लोग रह रहे हैं। पड़ताल में पाया गया कि नगर की गलियों में आग बुझाने के लिए विकल्प के रूप में लगे हाईडेंट भी सड़क के नीचे दब गए हैं। ऐसे में जरूरत पड़ने पर वहां से भी पानी नहीं मिल पाएगा।
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वहीं, दमकल के साधन की बात करें तो वह भी नाकाफी है। ऐसे में आग से निपटने के लिए खुद फायर सिलिंडर और पर्याप्त मात्रा में पानी रखने की जरूरत है, जिससे आग लगने की घटना को फौरी तौर पर रोका जा सके। यह इसलिए कहा जा रहा है कि मुख्यालय और तहसील मुख्यालयों में आग लगने की घटना में बड़ा नुकसान होने के साथ- साथ लोग झुलस चुके हैं। कपड़े वाली गली में नहीं जा सकता है वाहन : शहर की सबसे सकरी कपड़े वाली गली है। जहां दो से तीन और चार मंजिला मकान है। नीचे कारोबार और उपर परिवार रहता है। सुबह से लेकर शाम तक यहां पर बाजार करने वालों की भारी भीड़ रहती है। साथ ही मकानों में परिवार रहता है।
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यहां की पड़ताल की गई तो हाल यह है कि बाइक लेकर यहां से गुजर पाना मुश्किल है। दो पहिया वाहन और बड़े वाहनों के आने- जाने की बात दूर की है। यहां लगभग पांच साल पहले एक मकान में शार्ट- सर्किट से आग लग गई थी। आग लगी घटना में लाखों का नुकसान हुआ। कई घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। कारण दमकल की गाड़ी वहां तक नहीं जा पाई और पाइप जोड़कर किसी तरह से पानी पहुंची।
इसके अलावा कृष्णानगर और अनूप नगर मोहल्ले का भी यही हाल है। जहां आग लगने पर दमकल की गाड़ी नहीं जा सकती है। नगर के अशोक वर्मा, निलेश कुमार ने बताया कि पहले हाइडेंट लगा था। जरुरत पड़ने पर पाइप जोड़कर पानी पहुंचा दिया जाता था। अब तो वह कहां चले गए, पता ही नहीं है। अगर आग लग जाए तो बहुत नुकसान होगा। जनहानि भी होगी।
कस्बे में पैदल जा पाना मुश्किल : शोहरतगढ़ कस्बे की मार्केट घनी है। यहां के मार्केट में अगर किसी कारण आग लग जाए तो भारी नुकसान हो सकता है, और बड़ी संख्या लोगों की जानें जा सकती हैं। मेन रोड छोड़कर के शोहरतगढ़ कस्बे में सुबह नौ बजे से लेकर शाम तक बाइक के अलावा कोई बड़ा वाहन नहीं पहुंच सकता है। अगर कस्बे में कोई आग जनी हो जाए तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचना मुश्किल है।
शोहरतगढ़ कस्बे में पुलिस पिकेट से लेकर भारत माता चौक तक, भारत माता से बुधई स्मारक तक, गोलघर से सोनारी मोहल्ला व बर्तन गली के रास्तों पर दुकानदारों का कब्जा है, जिससे मार्ग सकरा हो गया है। प्रतिदिन इन स्थानों पर हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं, और लाखों की आबादी भी है।

अगर किसी कारण इन स्थानों पर किसी कारण आग लग जाए, तो अफरा-तफरी मच सकती है। लोग भाग नहीं पाएंगे। घरों से लोग निकलकर उचित स्थान पर नहीं भाग पाएंगे। क्योंकि निकलने का कोई उचित रास्ता नहीं है। रास्ता है, तो वहां भीड़ और सड़कों पर दुकानें लगी रहती हैं। फायर ब्रिगेड की
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