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Siddharthnagar News: बांस-बल्ली से सुरक्षित किया शौचालय के लिए खोदा गड्ढा
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बांसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत बांसी - धानी मार्ग स्थित गोनहा ताल चौराहा पर एएनएम
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। बांसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत बांसी- धानी मार्ग स्थित गोनहा ताल चौराहा पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 25.75 लाख से एएनएम सेंटर के भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है। अब भवन की बाहरी दीवारों में पुट्टी पेंट का काम किया जा रहा है।
इस सेंटर पर लगभग 15 गांवों के स्वास्थ्य संबंधी समस्या का जिम्मा है। वहीं, भवन के बगल में शौचालय निर्माण के लिए लगभग आठ फीट गहरे दो गड्ढे खोद कर खुले में छोड़ दिए गए। खास बात यह थी कि दोनों गड्ढे बिना सुरक्षा इंतजाम के खुले छोड़ दिए गए थे। इसमें एक गड्ढे में ईंट से जुड़ाई का काम हो रहा है। दूसरा गड्ढा केवल मिट्टी की खोदाई करके छोड़ दिया गया है। साथ ही खुले गड्ढे के ऊपर बिना सपोर्ट के सीढ़ी खड़ी की गई थी। जो सुरक्षा की दृष्टि से घातक हो सकती है।
बच्चे गड्ढे के ऊपर रखी सीढ़ी में झूला झूलते थे। इस संबंध में अमर उजाला अखबार ने 7 फरवरी को खबर प्रकाशित की। खबर का विभाग ने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को खोदे गए गड्ढे के चारों तरफ बल्ली लगाकर उसे रस्सी से घेर दिया, जिससे अब खुले में खोदे गए गड्ढे के इर्द - गिर्द बच्चों का आना जाना कम हो गया। साथ ही पशुओं के गिरने का भी खतरा नहीं है।
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सकारपार। बांसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत बांसी- धानी मार्ग स्थित गोनहा ताल चौराहा पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 25.75 लाख से एएनएम सेंटर के भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है। अब भवन की बाहरी दीवारों में पुट्टी पेंट का काम किया जा रहा है।
इस सेंटर पर लगभग 15 गांवों के स्वास्थ्य संबंधी समस्या का जिम्मा है। वहीं, भवन के बगल में शौचालय निर्माण के लिए लगभग आठ फीट गहरे दो गड्ढे खोद कर खुले में छोड़ दिए गए। खास बात यह थी कि दोनों गड्ढे बिना सुरक्षा इंतजाम के खुले छोड़ दिए गए थे। इसमें एक गड्ढे में ईंट से जुड़ाई का काम हो रहा है। दूसरा गड्ढा केवल मिट्टी की खोदाई करके छोड़ दिया गया है। साथ ही खुले गड्ढे के ऊपर बिना सपोर्ट के सीढ़ी खड़ी की गई थी। जो सुरक्षा की दृष्टि से घातक हो सकती है।
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बच्चे गड्ढे के ऊपर रखी सीढ़ी में झूला झूलते थे। इस संबंध में अमर उजाला अखबार ने 7 फरवरी को खबर प्रकाशित की। खबर का विभाग ने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को खोदे गए गड्ढे के चारों तरफ बल्ली लगाकर उसे रस्सी से घेर दिया, जिससे अब खुले में खोदे गए गड्ढे के इर्द - गिर्द बच्चों का आना जाना कम हो गया। साथ ही पशुओं के गिरने का भी खतरा नहीं है।
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