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Siddharthnagar News: इबादतों का दौर शुरू, पहला रोजा आज
Thu, 19 Feb 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:45 AM IST
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बांसी। माह-ए-रमजान की शुरुआत बुधवार को चांद देखने के साथ हो गई। इसी के साथ इबादतों का दौर भी शुरू हो गया। चांद निकलने की गवाही के बाद इशा की नमाज के बाद तरावीह का सिलसिला शुरू हो गया। पहला रोजा बृहस्पतिवार को होगा। सेहरी की तैयारी में देर रात तक रोजेदार जुटे रहे।
कस्बे के नरकटहा में स्थित शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल हकीम सल्फी का कहना है कि मजहब-ए -इस्लाम की बुनियाद तौहीद, नमाज, रोजा, हज और जकात के स्तंभ पर टिकी है। यह इस्लाम धर्म मानने वालों के लिए फर्ज है। अल्लाह ने रमजान माह की बहुत ही फजीलत बयान की है।
उन्होंने बताया कि इस माह में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। इसी माह में पवित्र कुरान शरीफ नाजिल हुआ था। रमजान माह में एक रात लैलतुल कद्र है जो बाकी रातों से काफी अफजल है।
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अल्लाह ने जिसे अपनाने व जिस कार्य से रोका है, उसमें इंसानों की भलाई निहित है। रोजा बाकी इबादतों में काफी मुश्किल है। मगर अल्लाह ने इस इबादत में बेशुमार दीनी और दुनियावी फायदा रख दिया है। इंसान को इसका मुकम्मल इल्म हो जाए तो वह पूरी जिंदगी रोजे की हालत में गुजारने की तमन्ना करेगा। इमाम ने कहा कि रोजा हौसला, सब्र, अर्ज-ए-अजीम, मगफिरत का सामान है।
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कस्बे के नरकटहा में स्थित शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल हकीम सल्फी का कहना है कि मजहब-ए -इस्लाम की बुनियाद तौहीद, नमाज, रोजा, हज और जकात के स्तंभ पर टिकी है। यह इस्लाम धर्म मानने वालों के लिए फर्ज है। अल्लाह ने रमजान माह की बहुत ही फजीलत बयान की है।
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उन्होंने बताया कि इस माह में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। इसी माह में पवित्र कुरान शरीफ नाजिल हुआ था। रमजान माह में एक रात लैलतुल कद्र है जो बाकी रातों से काफी अफजल है।
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अल्लाह ने जिसे अपनाने व जिस कार्य से रोका है, उसमें इंसानों की भलाई निहित है। रोजा बाकी इबादतों में काफी मुश्किल है। मगर अल्लाह ने इस इबादत में बेशुमार दीनी और दुनियावी फायदा रख दिया है। इंसान को इसका मुकम्मल इल्म हो जाए तो वह पूरी जिंदगी रोजे की हालत में गुजारने की तमन्ना करेगा। इमाम ने कहा कि रोजा हौसला, सब्र, अर्ज-ए-अजीम, मगफिरत का सामान है।