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Siddharthnagar News: कुपोषित बच्चों की थाली से गायब है दलिया, हलवा और अंडा...कैसे सुधरेगी सेहत

Sat, 09 May 2026 02:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 02:25 AM IST
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The NRC established at BRD Medical College has not received budget for the last six months.
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में सेहत सुधारने के लिए भर्ती कराए गए मासूमों की थाली से दलिया, हलवा और अंडा गायब है। यही नहीं, उन्हें फल भी नहीं मिल रहा है। दूध और कैलोरीयुक्त भोजन ही दिया जा रहा है। इसकी वजह बजट का अभाव है। पिछले छह महीने से एनएचएम से बजट ही नहीं मिला है। ऐसे में बीआरडी प्रशासन अपने खर्च पर थोड़ा बहुत पोषण आहार उपलब्ध करा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में एनएचएम के तहत संचालित इस केंद्र में शून्य से पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 10 बेड वाले वार्ड में इस समय आठ बच्चों का इलाज चल रहा है। प्रतिदिन दो से तीन नए बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं, जबकि पांच से छह बच्चे इलाज के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बच्चों को 14 से 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाता है।
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इलाज के दौरान बच्चों को दूध, दलिया, हलवा, अंडा, कैलोरीयुक्त भोजन, फल, आयरन, विटामिन और फोलिक एसिड दिया जाना है ताकि उनका वजन और स्वास्थ्य सुधर सके। हालांकि मासूमों को संतुलित आहार नहीं मिल पा रहा है। बाल रोग विभाग की एचओडी और एनआरसी प्रभारी डॉ. अनिता मेहता ने बताया कि केंद्र में केवल गंभीर कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। रोजाना पांच से छह बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि बजट की कमी है, इसलिए दिक्कतें आई हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन अपने बजट में से खर्च करकेे पोषण आहार उपलब्ध करा रहा है।

इस संबंध में एडी हेल्थ जयंत कुमार ने कहा कि शासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। एक-दो दिन में बजट मिलने की उम्मीद है। बजट मिलते ही बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जाएगा।


फैक्ट फाइल
0 से पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का होता है इलाज
14 से 21 दिन तक निगरानी में रखा जाता है
10 बेड का विशेष वार्ड संचालित
02 से तीन नए बच्चे किए प्रतिदिन होते हैं भर्ती
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