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Siddharthnagar News: बेकार पड़ा है 32 लाख में बना मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर
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नगर पंचायत बढ़नी बाजार के वार्ड नंबर 2 मिल कालोनी में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ढेबरूआ। नगर पंचायत बढ़नी बाजार के वार्ड नंबर-दो मिल काॅलोनी में लाखों रुपये से बना मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर हाथी दांत साबित हो रहा है। इसमें न तो कोई कर्मचारी दिखाई देता है, और न ही कूड़ा डिस्पोज किया जाता है। लगभग 32 लाख रुपये खर्च कर बनाए गए इस सेंटर में कभी भी नगर के कूड़े को डिस्पोज नहीं किया जाता है। उसमें कौन सी मशीन लगाई गई है। यह शायद ही किसी नगरवासी को जानकारी हो।
पूर्व में नगर के जिम्मेदारों द्वारा खूब ढिंढोरा पीटा जा रहा था कि नगर के कूड़े से खाद आदि का उत्पादन किया जाएगा, लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है। नगर पंचायत के कूड़े को नगर के वार्ड नंबर दो मिल कॉलोनी में आबादी के सन्निकट गिराया जाता है, और उसे जला दिया जाता है। इस प्रकार नगर में सरकार के महत्वपूर्ण अभियान स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियों को उड़ाया जा रहा है, और जनता के पैसों का भरपूर दुरुपयोग नगर पंचायत प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
मिल कॉलोनी निवासियों ने बताया कि जब से यह मटीरियल रिकवरी सेंटर बना है। आज तक संचालित नहीं हुआ है, इसके बगल गिराए जा रहे कूड़े से दुर्गंध होता है। अक्सर कूड़े को जला देने से जहरीला धुंआ वार्ड में फैलता है, जिससे हम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
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कई बार लोगों द्वारा नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई भी स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ईओ अजय कुमार ने बताया कि नया पद आएगा, कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
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ढेबरूआ। नगर पंचायत बढ़नी बाजार के वार्ड नंबर-दो मिल काॅलोनी में लाखों रुपये से बना मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर हाथी दांत साबित हो रहा है। इसमें न तो कोई कर्मचारी दिखाई देता है, और न ही कूड़ा डिस्पोज किया जाता है। लगभग 32 लाख रुपये खर्च कर बनाए गए इस सेंटर में कभी भी नगर के कूड़े को डिस्पोज नहीं किया जाता है। उसमें कौन सी मशीन लगाई गई है। यह शायद ही किसी नगरवासी को जानकारी हो।
पूर्व में नगर के जिम्मेदारों द्वारा खूब ढिंढोरा पीटा जा रहा था कि नगर के कूड़े से खाद आदि का उत्पादन किया जाएगा, लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है। नगर पंचायत के कूड़े को नगर के वार्ड नंबर दो मिल कॉलोनी में आबादी के सन्निकट गिराया जाता है, और उसे जला दिया जाता है। इस प्रकार नगर में सरकार के महत्वपूर्ण अभियान स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियों को उड़ाया जा रहा है, और जनता के पैसों का भरपूर दुरुपयोग नगर पंचायत प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
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मिल कॉलोनी निवासियों ने बताया कि जब से यह मटीरियल रिकवरी सेंटर बना है। आज तक संचालित नहीं हुआ है, इसके बगल गिराए जा रहे कूड़े से दुर्गंध होता है। अक्सर कूड़े को जला देने से जहरीला धुंआ वार्ड में फैलता है, जिससे हम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
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कई बार लोगों द्वारा नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई भी स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ईओ अजय कुमार ने बताया कि नया पद आएगा, कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।