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Siddharthnagar News: एपीडा केंद्र बनाने की मांग संसद में उठी
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सांसद जगदंबिका पाल।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत जिले में एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) केंद्र स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कालानमक चावल जिसे बुद्ध का महाप्रसाद कहा जाता है।
सिद्धार्थनगर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में उगाया जाता है। इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे बुद्ध चावल के रूप में ब्रांडेड किया गया है, जिससे इसे विशेष रूप से बौद्ध देशों में निर्यात किया जा सके।
सांसद ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत कालानमक चावल को बढ़ावा दे रही है। 2020 में इसका खेती क्षेत्र पांच हजार हेक्टेयर था, जो 2021 में बढ़कर 12,000 हेक्टेयर हो गया। इसमें 11 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जो सामान्य चावल से लगभग दोगुना है। इससे प्रति इकाई क्षेत्र में तीन गुना अधिक मुनाफा होता है।
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इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जैसे यह रक्तचाप, मधुमेह और त्वचा संबंधी समस्याओं में सहायक है। उन्होंने कहा कि कालानमक चावल भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जिले में एपीडा केंद्र स्थापित किया जाए।
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सिद्धार्थनगर। सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत जिले में एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) केंद्र स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कालानमक चावल जिसे बुद्ध का महाप्रसाद कहा जाता है।
सिद्धार्थनगर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में उगाया जाता है। इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे बुद्ध चावल के रूप में ब्रांडेड किया गया है, जिससे इसे विशेष रूप से बौद्ध देशों में निर्यात किया जा सके।
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सांसद ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत कालानमक चावल को बढ़ावा दे रही है। 2020 में इसका खेती क्षेत्र पांच हजार हेक्टेयर था, जो 2021 में बढ़कर 12,000 हेक्टेयर हो गया। इसमें 11 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जो सामान्य चावल से लगभग दोगुना है। इससे प्रति इकाई क्षेत्र में तीन गुना अधिक मुनाफा होता है।
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इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जैसे यह रक्तचाप, मधुमेह और त्वचा संबंधी समस्याओं में सहायक है। उन्होंने कहा कि कालानमक चावल भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जिले में एपीडा केंद्र स्थापित किया जाए।