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Siddharthnagar News: शिक्षकों को चल-अचल संपत्ति का देना होगा ब्योरा
Thu, 07 Mar 2024 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 07 Mar 2024 12:20 AM IST
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षको को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। कहां-कहां जमीनी खरीदी और कौन-कौन गाड़ी है। यह सब कुछ मानव संपदा पोर्टल पर 31 मार्च तक अपलोड करना होगा। यह निर्देश महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बीएसए को दिए हैं।
जिले में 2058 परषदीय विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन हजार शिक्षक, 2200 शिक्षामित्र और 359 अनुदेशक तैनात हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने शिक्षकों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि विभाग में तैनात शिक्षकों के पास कितनी चल-अचल संपत्ति है, उसका ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराएंगे।
इसका उद्देश्य यह है कि अगर किसी शिक्षक का नाम घपलेबाजी प्रकरण में सामने आया तो उसकी संपत्ति आदि की आसानी से जांच की जा सकेगी। कहा गया है कि विभाग में कार्यरत सभी शिक्षकों को अपनी नियुक्ति तिथि से लेकर उसके बाद हर पांच साल तक की अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। इसके लिए निर्धारित समय भी रखा गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी होगी।
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बीएसए अनूप कुमार ने कहा कि निदेशालय का पत्र आने पर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। 31 मार्च तक सभी शिक्षकों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा अपलोड करना है।
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जिले में 2058 परषदीय विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन हजार शिक्षक, 2200 शिक्षामित्र और 359 अनुदेशक तैनात हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने शिक्षकों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि विभाग में तैनात शिक्षकों के पास कितनी चल-अचल संपत्ति है, उसका ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराएंगे।
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इसका उद्देश्य यह है कि अगर किसी शिक्षक का नाम घपलेबाजी प्रकरण में सामने आया तो उसकी संपत्ति आदि की आसानी से जांच की जा सकेगी। कहा गया है कि विभाग में कार्यरत सभी शिक्षकों को अपनी नियुक्ति तिथि से लेकर उसके बाद हर पांच साल तक की अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। इसके लिए निर्धारित समय भी रखा गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी होगी।
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बीएसए अनूप कुमार ने कहा कि निदेशालय का पत्र आने पर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। 31 मार्च तक सभी शिक्षकों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा अपलोड करना है।