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Siddharthnagar News: निजी अस्पतालों पर सख्ती, अब हर कोने पर ‘तीसरी नजर’

Wed, 25 Mar 2026 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 25 Mar 2026 12:53 AM IST
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Strictness on private hospitals, now 'third eye' on every corner
सिद्धार्थनगर। निजी अस्पतालों में मरीजों के आर्थिक शोषण, उत्पीड़न और मारपीट पर अब अंकुश लगेगा। निजी अस्पतालों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं। निजी अस्पताल में सभी मुख्य प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
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साथ ही एक माह तक इसका फुटेज और होने वाले इलाज रजिस्टर और लेनदेन की जानकारी भी रखनी होगी। इससे अस्पताल में होने वाली अनियमितता, बवाल और मारपीट पर सीधे प्रशासन की नजर होगी। जिससे घटना की हकीकत सामने आ सकेगी और उसकी निष्पक्ष जांच के साथ कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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जिले में निजी अस्पताल में बड़े पैमाने में खेल चल रहा है। कस्बों से लेकर चौराहे से अस्पतालों का जाल फैल हुआ है, जहां बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर मरीजों को फंसाया जाता है और उनका आर्थिक शोषण होता है। शायद ही कोई माह हो, जब जनपद में मरीज की मौत के बाद बवाल और शिकायत नहीं होती है। मौत के बाद जिम्मेदारों को चुप्पी टूटती है और जांच शुरू होती है लेकिन चंद दिन बाद फिर जांच ठंडे बस्ते में चली जाती है और कोई साक्ष्य बाहर नहीं आता है। ऐसे में मरीजों का आर्थिक और मानसिक शोषण के साथ ही जान से खेलने वाले बच निकलते हैं। विभाग की सेटिंग से चलने वाले सिंडिकेट पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। आखिरी में अगर रिपोर्ट भी दर्ज हो जाए तो साक्ष्य न होने के कारण केस आगे नहीं बढ़ पाता है। ऐसे में जिले में मरीज माफियाओं का खेल बदस्तूर जारी है।
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अब निजी अस्पतालों में होने वाले अपराध की गहन जांच और कार्रवाई के लिए शासन की ओर से निजी अस्पतालों पर सीधे नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य कर दिया है। कैमरा लगाए जाने के साथ ही सीसीटीवी की फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अगर अस्पताल पर आरोप लगे या फिर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो तो बाद में स्वास्थ्य टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर सके और जांच के आधार पर कार्रवाई की जा सके। इस व्यवस्था में जिले के 100 के करीब निजी हास्पिटल और क्लीनिक दायरे में आएंगे।
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