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Siddharthnagar News: ई-रिक्शा की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथ, हादसे पर कौन होगा जिम्मेदार
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सिद्धार्थनगर। सीएम योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र में होने वाली भीड़ को लेकर रुट परिवर्तन सहित कई नियमों के पालन करने का निर्देश दिया है। जबकि शहर में रूट व स्टैंड की व्यवस्था ही नहीं है, ऐसे में सीएम के निर्देश का पालन कैसे होगा? यह शहर के हर व्यक्ति की जुबान पर है। नगर पालिका ने रूट व टैक्सी स्टैंड को लेकर कई बार बैठक किया, लेकिन सभी कार्य अभी तक कागजों में ही संचालित हाे रहे हैं।
नगर पालिका में 300 से अधिक ई-रिक्शा का संचालन हाे रहा है, जिसमें से अधिकतर ई-रिक्शा का स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में है, इससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना रहता है। जबकि शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ठेला, खोमचा, फल व सब्जी वालों का कब्जा है। इससे 20 मीटर की सड़कें 10 से 12 मीटर में ही सिमट कर रह गई हैं। इससे हर दिन जाम की समस्या सामने आ रही है। नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में बेतरतीब ढंग से खड़े ई-रिक्शा वाहन से जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
सबसे अधिक समस्या सिद्धार्थ चौक व रेलवे स्टेशन मार्ग पर हो रही है। नगर पालिका कार्यालय में रूट व टैक्सी स्टैंड को लेकर कई बार बैठक की गई, जमीन भी तलाशी गई लेकिन अभी तक कागजों में ही कार्य किया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का शहर में कोई भी प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। शहर के लोगों के अनुसार नगर पालिका जाम से छुटकारा दिलाने का कार्य कागजों में ही करता है। लेकिन इसके किसी भी कार्य को जमीन पर आते नहीं देखा जा रहा है। इससे शहर में आए दिन जाम व अव्यवस्था की समस्या रहती है।
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वर्जन
प्रमुख चौराहे पर रखे ठेले व सब्जी की दुकानों को अभियान चलाकर हटाया जाएगा। ई-रिक्शा चालकों को भी नियम से व खाली जगहों पर गाड़ी स्टैंड करने के लिए निर्देश दिया जाएगा।
डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम सदर
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स्टैंड की जमीन को लेकर कई बार पत्राचार किया गया है। जमीन मिलते ही स्टैंड का निमार्ण कार्य करवाया जाएगा। ई-रिक्शा संचालन की जिम्मेदारी आरटीओ की है।
विंध्याचल, ईओ नगर पालिका परिषद
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नगर पालिका में 300 से अधिक ई-रिक्शा का संचालन हाे रहा है, जिसमें से अधिकतर ई-रिक्शा का स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में है, इससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना रहता है। जबकि शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ठेला, खोमचा, फल व सब्जी वालों का कब्जा है। इससे 20 मीटर की सड़कें 10 से 12 मीटर में ही सिमट कर रह गई हैं। इससे हर दिन जाम की समस्या सामने आ रही है। नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में बेतरतीब ढंग से खड़े ई-रिक्शा वाहन से जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
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सबसे अधिक समस्या सिद्धार्थ चौक व रेलवे स्टेशन मार्ग पर हो रही है। नगर पालिका कार्यालय में रूट व टैक्सी स्टैंड को लेकर कई बार बैठक की गई, जमीन भी तलाशी गई लेकिन अभी तक कागजों में ही कार्य किया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का शहर में कोई भी प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। शहर के लोगों के अनुसार नगर पालिका जाम से छुटकारा दिलाने का कार्य कागजों में ही करता है। लेकिन इसके किसी भी कार्य को जमीन पर आते नहीं देखा जा रहा है। इससे शहर में आए दिन जाम व अव्यवस्था की समस्या रहती है।
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वर्जन
प्रमुख चौराहे पर रखे ठेले व सब्जी की दुकानों को अभियान चलाकर हटाया जाएगा। ई-रिक्शा चालकों को भी नियम से व खाली जगहों पर गाड़ी स्टैंड करने के लिए निर्देश दिया जाएगा।
डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम सदर
स्टैंड की जमीन को लेकर कई बार पत्राचार किया गया है। जमीन मिलते ही स्टैंड का निमार्ण कार्य करवाया जाएगा। ई-रिक्शा संचालन की जिम्मेदारी आरटीओ की है।
विंध्याचल, ईओ नगर पालिका परिषद