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Siddharthnagar News: पिता बनाते हैं साइकिल, बेटा बना गोल्ड मेडलिस्ट वॉलीबाल टीम का हीरो
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स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल लाने पर खिलाड़ी मोहम्मद आफताब व कोच रत्नेश सिंह को सम्मानित क
राहुल त्रिपाठी
सिद्धार्थनगर। शहर में साइकिल बनाने वाले के बेटे आफताब ने महज 14 साल की उम्र में वॉलीबाल का राष्ट्रीय खिलाड़ी बन न सिर्फ जिले का नाम रोशन किया बल्कि उसकी टीम ने स्वर्ण जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
सोहांस रोड पर साइकिल बनाने की दुकान चलाने वाले मोहम्मद फारूक के बेटे आफताब ने तमाम बाधाओं को पार कर यह कामयाबी हासिल की है। आफताब जिले का पहला खिलाड़ी है, जिसने यहीं रहते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उपलब्धि पाई। इससे पहले रिया श्रीवास्तव सहित अन्य खिलाड़ियों ने वॉलीबाल में उपलब्धि हासिल की है। पर, इन खिलाड़ियाें ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिला पाने के बाद तरक्की का सफर शुरू किया।
कोच रत्नेश सिंह शनिवार को जब आफताब को लेकर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचे तो अधिकारियों और खिलाड़ियों ने जोरदार स्वागत किया। शहर के बुद्धनगर के रहने वाले आफताब ने बताया कि गांव के लोग जब खेलते थे तो उसे मौका नहीं मिलता था। इसपर उसने जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम का रुख किया। वहां पूर्व खिलाड़ी इशांक सिंह बिसेन का सहयोग मिल गया तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद गांधी आदर्श इंटर कॉलेज में दाखिला लिया तो कोच रत्नेश सिंह ने लक्ष्य और आसान कर दिया। कक्षा सात की पढ़ाई करते हुए राज्य की टीम में चुन लिया गया। संवाद
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...और आंखों में आ गए खुशी के आंसू
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में जब आफताब का फूल माला से स्वागत हुआ तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। क्रीड़ाधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री ने आफताब की हौसलाआफजाई की। आफताब ने कहा कि उनके पिता फारूख साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। इससे मिली आमदानी से गृहस्थी चलती है। बड़े भाई अफजल ने स्नातक की पढ़ाई करते हुए गाड़ी धुलने का सर्विस सेंटर खोल लिया है। जब भाई नहीं रहता है तो वह गाड़ियां भी धोता है। पूरी कोशिश है कि घर की जरूरतों को पूरी करते हुए सिद्धार्थनगर का नाम रोशन करें। इस मौके पर पूर्व खिलाड़ी देवेंद्र पांडेय, इशांक सिंह, कोच सुमन सिंह एवं राजलक्ष्मी चौधरी, विपिन मणि त्रिपाठी एवं विवेक मणि त्रिपाठी मौजूद थे।
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सिद्धार्थनगर। शहर में साइकिल बनाने वाले के बेटे आफताब ने महज 14 साल की उम्र में वॉलीबाल का राष्ट्रीय खिलाड़ी बन न सिर्फ जिले का नाम रोशन किया बल्कि उसकी टीम ने स्वर्ण जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
सोहांस रोड पर साइकिल बनाने की दुकान चलाने वाले मोहम्मद फारूक के बेटे आफताब ने तमाम बाधाओं को पार कर यह कामयाबी हासिल की है। आफताब जिले का पहला खिलाड़ी है, जिसने यहीं रहते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उपलब्धि पाई। इससे पहले रिया श्रीवास्तव सहित अन्य खिलाड़ियों ने वॉलीबाल में उपलब्धि हासिल की है। पर, इन खिलाड़ियाें ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिला पाने के बाद तरक्की का सफर शुरू किया।
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कोच रत्नेश सिंह शनिवार को जब आफताब को लेकर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचे तो अधिकारियों और खिलाड़ियों ने जोरदार स्वागत किया। शहर के बुद्धनगर के रहने वाले आफताब ने बताया कि गांव के लोग जब खेलते थे तो उसे मौका नहीं मिलता था। इसपर उसने जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम का रुख किया। वहां पूर्व खिलाड़ी इशांक सिंह बिसेन का सहयोग मिल गया तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद गांधी आदर्श इंटर कॉलेज में दाखिला लिया तो कोच रत्नेश सिंह ने लक्ष्य और आसान कर दिया। कक्षा सात की पढ़ाई करते हुए राज्य की टीम में चुन लिया गया। संवाद
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...और आंखों में आ गए खुशी के आंसू
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में जब आफताब का फूल माला से स्वागत हुआ तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। क्रीड़ाधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री ने आफताब की हौसलाआफजाई की। आफताब ने कहा कि उनके पिता फारूख साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। इससे मिली आमदानी से गृहस्थी चलती है। बड़े भाई अफजल ने स्नातक की पढ़ाई करते हुए गाड़ी धुलने का सर्विस सेंटर खोल लिया है। जब भाई नहीं रहता है तो वह गाड़ियां भी धोता है। पूरी कोशिश है कि घर की जरूरतों को पूरी करते हुए सिद्धार्थनगर का नाम रोशन करें। इस मौके पर पूर्व खिलाड़ी देवेंद्र पांडेय, इशांक सिंह, कोच सुमन सिंह एवं राजलक्ष्मी चौधरी, विपिन मणि त्रिपाठी एवं विवेक मणि त्रिपाठी मौजूद थे।