{"_id":"6581ff4ab810d1b8e1031e05","slug":"sociology-subject-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-10066-2023-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: भाषा एवं व्यावहारिक व्याख्या की तकनीक पर ध्यान देना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: भाषा एवं व्यावहारिक व्याख्या की तकनीक पर ध्यान देना जरूरी
Wed, 20 Dec 2023 02:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 20 Dec 2023 02:08 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। इंटरमीडिएट की परीक्षा की तिथि नजदीक आ रही है। ऐसे में परीक्षार्थियों को चिंता सताने लगी है। परीक्षार्थियों को तैयारी से संबंधित विषय विशेषज्ञ शिक्षक टिप्स दे रहे हैं। इसी क्रम में समाजशास्त्र विषय की तैयारी के लिए छेदीलाल इंटर कॉलेज बिस्कोहर के प्रवक्ता डॉ. संजीव कुमार मिश्र ने इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को सफलता के सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समाजशास्त्र में बेहतर अंक मिल सकते हैं। बसर्ते भाषा एवं व्यावहारिक व्याख्या के तकनीक पर ध्यान देना जरूरी है।
परीक्षार्थियों को अपने भाषा का प्रयोग अधिक करनी चाहिए। व्याख्या करते समय उद्धरण, प्रसंग, अर्थ, व्याख्या पर जरूर ध्यान दें, बेहतर अंक मिलेंगे। कहा कि इंटरमीडिएट समाज शास्त्र की परीक्षा 7 मार्च को है। जो विद्यार्थी नियमित अभ्यास में हैं वैसे विद्यार्थियों को पुनरावृति करने की जरूरत है। जिनकी तैयारी नहीं हो सकी है वैसे विद्यार्थी मॉडल सेट की प्रैक्टिस जरूर करें। उन्होंने कहा कि समाजशास्त्र विषय सामाजिक तथ्यों जैसे रीति रिवाज, परंपरा, दलित, आदिवासी, समाज, विवाह, जन्म मृत्यु, जनसंख्या आदि से संबंधित है। इसलिए कोशिश करना चाहिए कि परीक्षार्थी यथा संभव अपने शब्दों में तथा व्यावहारिक उदाहरणों के साथ व्याख्यात्मक प्रश्नों का जवाब दें। परीक्षार्थियों को समाज शास्त्रियों के कथन को भी कोट करनी चाहिए।
-- -
अलग-अलग अंक के होंगे प्रश्न
इसमें खंड क के भारतीय समाज का परिचय से 4 अंक, भारतीय समाज की जन सांख्यिकी संरचना से 6 अंक, सामाजिक संस्था, निरंतरता और परिवर्तन से 8 अंक, बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप में से 6, सामाजिक असमानता और बहिष्कार का ढांचा से 8 अंक, सांस्कृतिक विभिन्नताओं की चुनौतियों से 10 अंक, परियोजना कार्य के लिए सुझाव से 8 अंक और खंड ख में सांस्कृतिक परिवर्तन से 6 अंक, संरचनात्मक परिवर्तन से 5 अंक, ग्रामीण समाज में परिवर्तन एवं विकास से 7 अंक, औद्योगिक समाज में परिवर्तन एवं विकास से 6 अंक, संविधान एवं सामाजिक परिवर्तन से 7, भूमंडलीय और सामाजिक परिवर्तन से 5 अंक व सामाजिक आंदोलन से 8 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे।
विज्ञापन
-- -
इन प्रयोगों से मिलेंगे बेहतर अंक
पुनरावृति पर अधिक ध्यान दें, आंतरिक मूल्यांकन करते रहे जो चेप्टर कठिन लगे उसे आत्मविश्वास के साथ निरंतर अभ्यास करें। सावधानीपूर्वक प्रश्नों को पढ़े। मॉडल सेट एवं गेस पेपर का अभ्यास करें।
विज्ञापन
परीक्षार्थियों को अपने भाषा का प्रयोग अधिक करनी चाहिए। व्याख्या करते समय उद्धरण, प्रसंग, अर्थ, व्याख्या पर जरूर ध्यान दें, बेहतर अंक मिलेंगे। कहा कि इंटरमीडिएट समाज शास्त्र की परीक्षा 7 मार्च को है। जो विद्यार्थी नियमित अभ्यास में हैं वैसे विद्यार्थियों को पुनरावृति करने की जरूरत है। जिनकी तैयारी नहीं हो सकी है वैसे विद्यार्थी मॉडल सेट की प्रैक्टिस जरूर करें। उन्होंने कहा कि समाजशास्त्र विषय सामाजिक तथ्यों जैसे रीति रिवाज, परंपरा, दलित, आदिवासी, समाज, विवाह, जन्म मृत्यु, जनसंख्या आदि से संबंधित है। इसलिए कोशिश करना चाहिए कि परीक्षार्थी यथा संभव अपने शब्दों में तथा व्यावहारिक उदाहरणों के साथ व्याख्यात्मक प्रश्नों का जवाब दें। परीक्षार्थियों को समाज शास्त्रियों के कथन को भी कोट करनी चाहिए।
विज्ञापन
अलग-अलग अंक के होंगे प्रश्न
इसमें खंड क के भारतीय समाज का परिचय से 4 अंक, भारतीय समाज की जन सांख्यिकी संरचना से 6 अंक, सामाजिक संस्था, निरंतरता और परिवर्तन से 8 अंक, बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप में से 6, सामाजिक असमानता और बहिष्कार का ढांचा से 8 अंक, सांस्कृतिक विभिन्नताओं की चुनौतियों से 10 अंक, परियोजना कार्य के लिए सुझाव से 8 अंक और खंड ख में सांस्कृतिक परिवर्तन से 6 अंक, संरचनात्मक परिवर्तन से 5 अंक, ग्रामीण समाज में परिवर्तन एवं विकास से 7 अंक, औद्योगिक समाज में परिवर्तन एवं विकास से 6 अंक, संविधान एवं सामाजिक परिवर्तन से 7, भूमंडलीय और सामाजिक परिवर्तन से 5 अंक व सामाजिक आंदोलन से 8 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे।
विज्ञापन
इन प्रयोगों से मिलेंगे बेहतर अंक
पुनरावृति पर अधिक ध्यान दें, आंतरिक मूल्यांकन करते रहे जो चेप्टर कठिन लगे उसे आत्मविश्वास के साथ निरंतर अभ्यास करें। सावधानीपूर्वक प्रश्नों को पढ़े। मॉडल सेट एवं गेस पेपर का अभ्यास करें।