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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू और एनआरसी वार्ड का होगा संचालन
Mon, 30 Dec 2024 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 30 Dec 2024 11:36 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) वार्ड अब पूरी तरह से मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित होगा। मातृ और शिशु मृत्यु के दर में कमी लाने के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने इसके संचालन का निर्देश दिया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं और भी बेहतर होंगी।
मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित एसएनसीयू वार्ड को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जबकि, पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन सीएमओ और जिला अस्पताल के माध्यम से किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार दोनों विभागों में मेडिकल कॉलेज का सहयोग होने से मृत्यु दर में कमी लाने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की गई हैं। ऐसे में चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने एसएनसीयू और एनआरसी को मेडिकल कॉलेज के माध्यम से संचालित करने का निर्देश दिया।
इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाने व अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान देने की पूरी जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज की होगी। एसएनसीयू के प्रभावी संचालन एवं नवजात शिशुओं की मृत्यु में कमी लाने के दृष्टिगत यह इकाई पूर्व से मेडिकल कॉलेज में स्थापित हैं। उनके सुचारू संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन इनमें कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञों/चिकित्सकों और स्टाफ की आवश्यकतानुसार एसएसी में टेस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाते हुए क्रियाशीलता सुनिश्चित करें।
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इस वार्ड में नवजात शिशुओं को 24 घंटा समुचित उपचार प्रदान किया जा सके। इकाइयों में नवजात मृत्यु दर एवं अनावश्यक रेफरल में कमी भी आएगी। इसी प्रकार कुपोषित बच्ची के उपचार के लिए संचालित एनआरसी मेडिकल कॉलेज में समाहित हो गई। इससे कुपोषित बच्चों को 24 घंटा उपचार प्रदान किया जा सके।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित एसएनसीयू वार्ड को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जबकि, पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन सीएमओ और जिला अस्पताल के माध्यम से किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार दोनों विभागों में मेडिकल कॉलेज का सहयोग होने से मृत्यु दर में कमी लाने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की गई हैं। ऐसे में चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने एसएनसीयू और एनआरसी को मेडिकल कॉलेज के माध्यम से संचालित करने का निर्देश दिया।
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इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाने व अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान देने की पूरी जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज की होगी। एसएनसीयू के प्रभावी संचालन एवं नवजात शिशुओं की मृत्यु में कमी लाने के दृष्टिगत यह इकाई पूर्व से मेडिकल कॉलेज में स्थापित हैं। उनके सुचारू संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन इनमें कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञों/चिकित्सकों और स्टाफ की आवश्यकतानुसार एसएसी में टेस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाते हुए क्रियाशीलता सुनिश्चित करें।
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इस वार्ड में नवजात शिशुओं को 24 घंटा समुचित उपचार प्रदान किया जा सके। इकाइयों में नवजात मृत्यु दर एवं अनावश्यक रेफरल में कमी भी आएगी। इसी प्रकार कुपोषित बच्ची के उपचार के लिए संचालित एनआरसी मेडिकल कॉलेज में समाहित हो गई। इससे कुपोषित बच्चों को 24 घंटा उपचार प्रदान किया जा सके।