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Siddharthnagar News: बाॅर्डर के गाेदामाें में डंप कर लहसुन की तस्करी

Tue, 17 Dec 2024 11:19 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:19 PM IST
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Smuggling of garlic by dumping it in border warehouse
खुनुवा बार्डर के सीमाई क्षेत्र में वाहन पर चाइनीज लहसुन लोड करते हुए तस्कर। स्रोत विज्ञ​प्ति
संवाद न्यूज एजेंसी सिद्धार्थनगर/ शोहरतगढ़। महंगे हुए लहसुन ने तस्करों के धंधा में अपना स्थान बना लिया है। इन दिनों सबसे अधिक लहसुन की तस्करी हो रही है। नेपाल के रास्ते से आ रहे सस्ते चाइनीज लहसुन बॉर्डर पर बने गोदामों में डंप करके भारतीय बाजारों में खपाया जा रहा है। बॉर्डर पर चाइनीज लहसुन आए दिन पकड़ा जा रहा है, जबकि गोदामों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर नहीं है।
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भारतीय बाजारों में बिक्री के लिए चाइनीज लहसुन प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके बावजूद सिद्धार्थनगर सहित उत्तर प्रदेश के छोटे बड़े बाजारों में चाइनीज लहसुन की बिक्री जोरों पर है। इस लहसुन की बिक्री की वजह से मांग बढ़ गई, जिसको लेकर तस्कर चाइनीज लहसुन की तस्करी धड़ल्ले कर रहे हैं।
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तस्करी में महिला से लेकर युवा और बुजुर्ग शामिल हैं। यह चक्कर के हिसाब से नेपाल से भारत लहसुन पहुचाते हैं, और भारतीय क्षेत्र के सीमाई इलाकों में बने गोदामों में स्टोर किया जाता है। उसके बाद यही लहसुन बड़ी गाड़ियों में लाद कर गोरखपुर, गोंडा, संतकबीरनगर, बस्ती, टांडा, आजमगढ़, वाराणसी, फैजाबाद लखनऊ आदि में बड़े सिंडिकेट तस्कर तक पहुंचाते हैं, जिसमें मोटी रकम की कमाई करते हैं।
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बढ़नी बॉर्डर के पास एक व्यक्ति ने बताया कि तस्कर को प्रति एक बार बाॅर्डर पार लहसुन पहुंचाने पर 100 से 150 रुपये बड़े धंधेवाले देते हैं। उसने दिन रात मिलाकर 10 चक्कर लगा लिए तो वह 1000 रुपये की कमाई कर लेता है।
इस तस्कर के खेल में सैकड़ों युवा और दर्जनों महिलाएं लगी हैं। इसी से उनका गुजारा होता है, लेकिन कई युवाओं का तो कॅरियर बर्बाद हो जाता है।
होटल, ढाबों में खपाया जा रहा है चायनीज लहसुन : डॉक्टरों के अनुसार चाइनीज लहसुन सेहत के लिए नुकसानदायक है, इसके बावजूद भी होटल ढाबों सहित घरों में भी इसे स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। एक व्यापारी ने बताया कि भारतीय लहसुन की कीमत 300 से लेकर 350 रुपये प्रति किलो है। वहीं चाइनीज लहसुन भारतीय बाजारों में 200 से 210 रुपये प्रति किलोग्राम है।
चाइनीज लहसुन नेपाल के बाजार में थोक भाव भारतीय मुद्रा में 120 रुपये किलो है। जो भारतीय लहसुन का भाव चाइनीज लहसुन से दोगुना है। चाइनीज लहसुन देखने में साफ सुथरा है, और रेट भी सस्ता है, जिससे ग्राहक उसी पर ध्यान देता है, और खरीदारी करते हैं।

दूसरे व्यापारी ने बताया कि चाइनीज लहसुन की कीमत कम होने की वजह से बड़े-बड़े होटल, ढाबे पर इसी लहसुन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे इसकी मांग रहती है, लोग सस्ते की वजह से खरीदारी कर रहे हैं। इस लहसुन की बिक्री ग्रामीण इलाकों में लगने वाले बाजार में अधिक है।
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