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Siddharthnagar News: चटख धूप से बढ़े त्वाच रोगी, ओपीडी में लग रही लंबी कतार
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मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डॉ. अरफुल खान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी आते ही चर्म रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार इसका प्रमुख कारण तेज धूप व धूल के कण हैं। एलर्जी से दाद, खाज, खुजली व लाल चकत्ते की समस्या आ रही है। सूर्य की किरणें रोग बढ़ा रही हैं, और उसमें धूल के कण सहायक हो रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लग रही है। बदलते मौसम से स्किन की समस्या को लेकर प्रतिदिन 50 से 60 मरीज आ रहे है। चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. अरफुल खान ने बताया कि गर्मी से चर्म रोगों में वृद्धि हुई है। शरीर में पसीना होने की वजह से खाज-खुजली व दाद के रोगियों की संख्या बढ़ी है।
कुछ रोगी शरीर पर लाल दाने लेकर भी आ रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, यह रोग भी बढ़ेगा। ऐसे में तेज धूप खासकर दोपहर की धूप से बचने की जरूरत है। इसकी वजह से एलर्जी हो सकती है। यदि कमरा हवादार नहीं है और तेज गर्मी की वजह से पसीना हो रहा है तो भी चर्म रोग हो सकता है।
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उन्होंने बताया कि गर्मी में चर्म रोगों की संख्या बढ़ती है। इसका मुख्य कारण तेज धूप, गर्मी व धूल होती है। इनकी वजह से एलर्जी होती है और दाद, खाज, खुजली व लाल दाने निकलने की समस्या आती है।
इस समय इसी तरह के रोगी आ रहे हैं। सूर्य की किरणें सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक चर्म के लिए नुकसानदायक हैं। इस समय धूप में निकलने से परहेज करें। निकलना जरूरी हो तो शरीर कपड़ों से ढंक कर ही निकलें।
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सिद्धार्थनगर। गर्मी आते ही चर्म रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार इसका प्रमुख कारण तेज धूप व धूल के कण हैं। एलर्जी से दाद, खाज, खुजली व लाल चकत्ते की समस्या आ रही है। सूर्य की किरणें रोग बढ़ा रही हैं, और उसमें धूल के कण सहायक हो रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लग रही है। बदलते मौसम से स्किन की समस्या को लेकर प्रतिदिन 50 से 60 मरीज आ रहे है। चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. अरफुल खान ने बताया कि गर्मी से चर्म रोगों में वृद्धि हुई है। शरीर में पसीना होने की वजह से खाज-खुजली व दाद के रोगियों की संख्या बढ़ी है।
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कुछ रोगी शरीर पर लाल दाने लेकर भी आ रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, यह रोग भी बढ़ेगा। ऐसे में तेज धूप खासकर दोपहर की धूप से बचने की जरूरत है। इसकी वजह से एलर्जी हो सकती है। यदि कमरा हवादार नहीं है और तेज गर्मी की वजह से पसीना हो रहा है तो भी चर्म रोग हो सकता है।
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उन्होंने बताया कि गर्मी में चर्म रोगों की संख्या बढ़ती है। इसका मुख्य कारण तेज धूप, गर्मी व धूल होती है। इनकी वजह से एलर्जी होती है और दाद, खाज, खुजली व लाल दाने निकलने की समस्या आती है।
इस समय इसी तरह के रोगी आ रहे हैं। सूर्य की किरणें सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक चर्म के लिए नुकसानदायक हैं। इस समय धूप में निकलने से परहेज करें। निकलना जरूरी हो तो शरीर कपड़ों से ढंक कर ही निकलें।