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कन्या कौशल विकास शिविर शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 26 Jun 2016 10:28 PM IST
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सिद्धार्थनगर में रविवार को गायत्री मंदिर पर हुए कार्यक्रम को संबोधित करतीं मुख्य अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। गायत्री शक्तिपीठ परिसर में पांच दिवसीय कन्या कौशल विकास शिविर रविवार से आरंभ हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार के संयोजन में चलने वाले विशिष्ट शिविर में 10वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को व्यक्तित्व विकास के विभिन्न गुर बताए जाएंगे। वैदिक माहौल में उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
शिविर में प्रशिक्षक के रुप में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि सत्यप्रकाश शुक्ल ने कहा कि यह शिविर नारी उत्कर्ष का एक प्राणवान प्रयोग है। इसमें आदर्श नारियों की सनातन परंपरा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए अतीत में घटे विभिन्न कौशल को विकसित करने वाली विभूतियों का उदाहरण प्रस्तुत कर छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। कुसुम यादव ने आदर्श प्रज्ञा गीत व प्रज्ञा अंत्याक्षरी कराई।
फूहड़ व अश्लील गीतों से दूर रहते हुए समाज में इसके चलन को रोकने के लिए प्रेरित किया। संचालन कर रहे अशोक त्रिपाठी ने विचार क्रांति अभियान, युग निर्माण योजना के सूत्रधार गायत्री परिवार के जनक पं.श्रीराम शर्मा आचार्य व माता भगवती देवी शर्मा के जीवन वृत्त पर प्रकाशडाला। मनुष्य में देवत्व के उदय व धरती पर स्वर्ग के अवतरण की सारभौमिक व्याख्या की। आत्म निरीक्षण, आत्म परिष्कार, आत्म विकास व आत्म विस्तार को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। जगदीश प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि संसार में कौशल की कमी नहीं है, बस उसे सही ढंग से समझकर जीवन में उतारने की नहीं है।
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30 जून तक चलने वाला प्रशिक्षण शिविर रोजाना सुबह 10 से दोपहर 1 ओर अपराह्न 2 से शाम साढ़े 5 बजे तक चलेगा। शिविर के संयोजन में महादेव तिवारी की अहम भूमिका रही। इस मौके पर शिल्पा अग्रहरि, सुषमा पांडेय, अनुष्का श्रीवास्तव, दिव्या, प्रियंका, अमृता, एकता, साक्षी, तन्नू, गरिमा, अंशिका, अनुराधा, प्रतिमा, पिंकी, ज्योति, साध्वी, विजय लक्ष्मी, राजनंदिनी, प्रेमनारायण, रामकृपाल, सत्यम, ऋषिदेव तिवारी, दिलीप श्रीवास्तव, प्रिया अग्रहरि, शैलजा सिंह आदि मौजूद रहे।
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शिविर में प्रशिक्षक के रुप में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि सत्यप्रकाश शुक्ल ने कहा कि यह शिविर नारी उत्कर्ष का एक प्राणवान प्रयोग है। इसमें आदर्श नारियों की सनातन परंपरा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए अतीत में घटे विभिन्न कौशल को विकसित करने वाली विभूतियों का उदाहरण प्रस्तुत कर छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। कुसुम यादव ने आदर्श प्रज्ञा गीत व प्रज्ञा अंत्याक्षरी कराई।
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फूहड़ व अश्लील गीतों से दूर रहते हुए समाज में इसके चलन को रोकने के लिए प्रेरित किया। संचालन कर रहे अशोक त्रिपाठी ने विचार क्रांति अभियान, युग निर्माण योजना के सूत्रधार गायत्री परिवार के जनक पं.श्रीराम शर्मा आचार्य व माता भगवती देवी शर्मा के जीवन वृत्त पर प्रकाशडाला। मनुष्य में देवत्व के उदय व धरती पर स्वर्ग के अवतरण की सारभौमिक व्याख्या की। आत्म निरीक्षण, आत्म परिष्कार, आत्म विकास व आत्म विस्तार को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। जगदीश प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि संसार में कौशल की कमी नहीं है, बस उसे सही ढंग से समझकर जीवन में उतारने की नहीं है।
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30 जून तक चलने वाला प्रशिक्षण शिविर रोजाना सुबह 10 से दोपहर 1 ओर अपराह्न 2 से शाम साढ़े 5 बजे तक चलेगा। शिविर के संयोजन में महादेव तिवारी की अहम भूमिका रही। इस मौके पर शिल्पा अग्रहरि, सुषमा पांडेय, अनुष्का श्रीवास्तव, दिव्या, प्रियंका, अमृता, एकता, साक्षी, तन्नू, गरिमा, अंशिका, अनुराधा, प्रतिमा, पिंकी, ज्योति, साध्वी, विजय लक्ष्मी, राजनंदिनी, प्रेमनारायण, रामकृपाल, सत्यम, ऋषिदेव तिवारी, दिलीप श्रीवास्तव, प्रिया अग्रहरि, शैलजा सिंह आदि मौजूद रहे।