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Siddharthnagar News: दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की चुनौतियों और समाधान पर दो दिन होगा मंथन
Thu, 29 Jan 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:00 AM IST
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सिद्धार्थनगर। दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के समक्ष खड़ी चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर गहन बौद्धिक विमर्श के उद्देश्य से 30 व 31 जनवरी को एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी भारतीय वैश्विक परिषद के सहयोग से बुद्ध विद्या पीठ पीजी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम के आयोजक प्रोफेसर शक्ति जायसवाल ने बताया कि संगोष्ठी का आयोजन शहर के पकड़ी में स्थित चंद्रावती नर्सिंग कॉलेज में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उद्घाटन सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रवि रमेश चंद शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में विदेश मामलों एवं रक्षा विषयों के विशेषज्ञ डॉ. संजीव श्रीवास्तव, भारतीय वैश्विक परिषद के शोध अध्येता डॉ. पुनीत गौड़ अपने बौद्धिक वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरजीत रहेंगे।
वहीं, शनिवार को दोपहर 2:30 बजे आयोजित होने वाले समापन सत्र में भारत के पूर्व राजदूत जीके त्रिपाठी, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा और स्ट्रैटेजिक विभाग के प्रोफेसर हर्ष कुमार सिन्हा, प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति प्रोफेसर हरि शरण व शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी अपने विचार साझा करेंगे।
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प्रो. शक्ति जायसवाल ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में दक्षिण एशिया के देशों-विशेषकर बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल और अफगानिस्तान में वर्तमान राजनीतिक शासन व्यवस्था के तहत लोकतंत्र के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों और संकटों पर गंभीर विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तथ्य चिंताजनक है कि पाकिस्तान में आज तक कोई भी लोकतांत्रिक सरकार अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी। वहीं, वर्ष 2025 में नेपाल का जेन-जी आंदोलन और बांग्लादेश में शेख हसीना के बाद का संक्रमण कालीन दौर पूरे दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के लिए एक चुनौतीपूर्ण वातावरण को रेखांकित करता है।
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कार्यक्रम के आयोजक प्रोफेसर शक्ति जायसवाल ने बताया कि संगोष्ठी का आयोजन शहर के पकड़ी में स्थित चंद्रावती नर्सिंग कॉलेज में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उद्घाटन सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रवि रमेश चंद शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में विदेश मामलों एवं रक्षा विषयों के विशेषज्ञ डॉ. संजीव श्रीवास्तव, भारतीय वैश्विक परिषद के शोध अध्येता डॉ. पुनीत गौड़ अपने बौद्धिक वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरजीत रहेंगे।
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वहीं, शनिवार को दोपहर 2:30 बजे आयोजित होने वाले समापन सत्र में भारत के पूर्व राजदूत जीके त्रिपाठी, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा और स्ट्रैटेजिक विभाग के प्रोफेसर हर्ष कुमार सिन्हा, प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति प्रोफेसर हरि शरण व शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी अपने विचार साझा करेंगे।
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प्रो. शक्ति जायसवाल ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में दक्षिण एशिया के देशों-विशेषकर बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल और अफगानिस्तान में वर्तमान राजनीतिक शासन व्यवस्था के तहत लोकतंत्र के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों और संकटों पर गंभीर विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तथ्य चिंताजनक है कि पाकिस्तान में आज तक कोई भी लोकतांत्रिक सरकार अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी। वहीं, वर्ष 2025 में नेपाल का जेन-जी आंदोलन और बांग्लादेश में शेख हसीना के बाद का संक्रमण कालीन दौर पूरे दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के लिए एक चुनौतीपूर्ण वातावरण को रेखांकित करता है।