{"_id":"694ec6c1c28a4522ae062fb8","slug":"siddharthnagar-news-the-story-concludes-with-purnahuti-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1002-150565-2025-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन
Fri, 26 Dec 2025 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 26 Dec 2025 11:02 PM IST
विज्ञापन
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के चौखड़ा मैं आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बृहस्पतिवार की रात अंतिम दिन कथा वाचक प्रेम शरण ने श्रद्धा, ज्ञान और रासलीला के दिव्य संदेशों के साथ हुआ। कथावाचक प्रेम शरण ने रास पंचायत और गोपी लीला का गूढ़ आध्यात्मिक विवेचन प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि रास पंचाध्यायी योगमाया की वह लीला है, जिसमें भगवान का प्रेम सृष्टि-उद्धार का माध्यम बनता है। भागवत ग्रंथ में राधारानी का प्रत्यक्ष नाम नहीं मिलता, परंतु यह निर्विवाद सत्य है कि भगवान कृष्ण ने राधा के साथ ही रास किया।
राधा-माधव एक ही ज्योति के दो स्वरूप हैं राधा शक्ति हैं और कृष्ण ब्रह्म। उन्होंने गोपी गीत को भागवत का सर्वाधिक प्रिय अध्याय बताते हुए कहा कि यह आत्मा की पुकार और ईश्वर से एकाकार होने का श्रेष्ठ भाव-संगीत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रास पंचाध्यायी योगमाया की वह लीला है, जिसमें भगवान का प्रेम सृष्टि-उद्धार का माध्यम बनता है। भागवत ग्रंथ में राधारानी का प्रत्यक्ष नाम नहीं मिलता, परंतु यह निर्विवाद सत्य है कि भगवान कृष्ण ने राधा के साथ ही रास किया।
विज्ञापन
राधा-माधव एक ही ज्योति के दो स्वरूप हैं राधा शक्ति हैं और कृष्ण ब्रह्म। उन्होंने गोपी गीत को भागवत का सर्वाधिक प्रिय अध्याय बताते हुए कहा कि यह आत्मा की पुकार और ईश्वर से एकाकार होने का श्रेष्ठ भाव-संगीत है।
विज्ञापन