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Siddharthnagar News: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ेगी तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी और ड्रोन से रखी जाएगी नजर
Fri, 30 Oct 2026 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:24 PM IST
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- भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ेगी निगरानी, लगेंगे सीसीटीवी, ड्रोन और लगेज स्कैनर, तस्करी रोकने को संयुक्त गश्त
- 10वीं समन्वय बैठक में दोनों देशों के बीच बनी सहमति, तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए दस्तावेजों की जांच होगी सख्त
खुनुवां। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब तकनीक से निगरानी बढ़ाई जाएगी। सीमा पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के इस्तेमाल के साथ लगेज स्कैनर और वाक-थ्रू मेटल डिटेक्टर लगाने की तैयारी है। तस्करी, मानव तस्करी, नकली नोट और मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बल संयुक्त गश्त करेंगे। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी।
काठमांडो में 28 अक्तूबर से शुरू हुई 10वीं नेपाल-भारत समन्वय बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसलों पर सहमति बनी। बैठक में नेपाल के सशस्त्र प्रहरी महानिरीक्षक नारायणदत्त पौडेल और भारत के सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक संजय सिंघल ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और खुफिया सूचनाओं के समयबद्ध आदान-प्रदान पर जोर दिया। पिछली यानी नौवीं समन्वय बैठक के फैसलों की भी समीक्षा की गई। रणनीतिक, परिचालन और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और भ्रामक सूचनाओं से सीमा क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव को पहुंचने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई गई। इसे रोकने के लिए संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक में नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल, गृह एवं विदेश मंत्रालय, नापी विभाग, नेपाल पुलिस और राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वहीं, भारत की ओर से एसएसबी, काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास और गृह एवं विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। वर्ष 2012 से बारी-बारी से आयोजित हो रही इस बैठक का 11वां संस्करण 2027 में भारत में होगा।
दशगजा में संयुक्त गश्त, अतिक्रमण हटाने पर जोर
सीमा के नो-मैन्स लैंड यानी दशगजा के प्रभावी प्रबंधन पर भी दोनों देशों ने चर्चा की। यहां अनधिकृत खेती, अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई जारी रखने पर सहमति बनी। सीमा स्तंभों की मरम्मत, रखरखाव और पुनर्निर्माण के लिए बाउंड्री वर्किंग ग्रुप (बीडब्ल्यूजी) और सर्वे ऑफिशियल्स कमेटी (एसओसी) के फैसलों के अनुसार स्थानीय स्तर पर समन्वय बढ़ाया जाएगा। खुली सीमा का दुरुपयोग कर तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए सीमा चौकियों पर दस्तावेजों का सत्यापन सख्त किया जाएगा। दशगजा में संयुक्त गश्त के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तत्काल साझा की जाएगी। सीमा चौकियों पर लगेज स्कैनर और वाक-थ्रू मेटल डिटेक्टर लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बाढ़ और भूकंप से निपटने को संयुक्त अभ्यास
सीमा सुरक्षा के साथ आपदा प्रबंधन में भी दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा बलों के विशेष प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण का विस्तार किया जाएगा। बाढ़, भूस्खलन और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए नेपाल के चितवन स्थित कुरिनटार में संयुक्त स्विफ्ट वाटर रेस्क्यू अभ्यास आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।
यात्रियों की सुविधा के लिए बढ़ेंगे हेल्प डेस्क
सीमा नाकों से आने-जाने वाले वैध यात्रियों की सुविधा के लिए सहायता कक्षों (हेल्प डेस्क) का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा खेल प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय दिवसों और प्रमुख त्योहारों पर संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सद्भाव मजबूत हो सके।
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- 10वीं समन्वय बैठक में दोनों देशों के बीच बनी सहमति, तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए दस्तावेजों की जांच होगी सख्त
खुनुवां। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब तकनीक से निगरानी बढ़ाई जाएगी। सीमा पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के इस्तेमाल के साथ लगेज स्कैनर और वाक-थ्रू मेटल डिटेक्टर लगाने की तैयारी है। तस्करी, मानव तस्करी, नकली नोट और मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बल संयुक्त गश्त करेंगे। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी।
काठमांडो में 28 अक्तूबर से शुरू हुई 10वीं नेपाल-भारत समन्वय बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसलों पर सहमति बनी। बैठक में नेपाल के सशस्त्र प्रहरी महानिरीक्षक नारायणदत्त पौडेल और भारत के सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक संजय सिंघल ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
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दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और खुफिया सूचनाओं के समयबद्ध आदान-प्रदान पर जोर दिया। पिछली यानी नौवीं समन्वय बैठक के फैसलों की भी समीक्षा की गई। रणनीतिक, परिचालन और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और भ्रामक सूचनाओं से सीमा क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव को पहुंचने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई गई। इसे रोकने के लिए संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक में नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल, गृह एवं विदेश मंत्रालय, नापी विभाग, नेपाल पुलिस और राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वहीं, भारत की ओर से एसएसबी, काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास और गृह एवं विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। वर्ष 2012 से बारी-बारी से आयोजित हो रही इस बैठक का 11वां संस्करण 2027 में भारत में होगा।
दशगजा में संयुक्त गश्त, अतिक्रमण हटाने पर जोर
सीमा के नो-मैन्स लैंड यानी दशगजा के प्रभावी प्रबंधन पर भी दोनों देशों ने चर्चा की। यहां अनधिकृत खेती, अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई जारी रखने पर सहमति बनी। सीमा स्तंभों की मरम्मत, रखरखाव और पुनर्निर्माण के लिए बाउंड्री वर्किंग ग्रुप (बीडब्ल्यूजी) और सर्वे ऑफिशियल्स कमेटी (एसओसी) के फैसलों के अनुसार स्थानीय स्तर पर समन्वय बढ़ाया जाएगा। खुली सीमा का दुरुपयोग कर तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए सीमा चौकियों पर दस्तावेजों का सत्यापन सख्त किया जाएगा। दशगजा में संयुक्त गश्त के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तत्काल साझा की जाएगी। सीमा चौकियों पर लगेज स्कैनर और वाक-थ्रू मेटल डिटेक्टर लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बाढ़ और भूकंप से निपटने को संयुक्त अभ्यास
सीमा सुरक्षा के साथ आपदा प्रबंधन में भी दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा बलों के विशेष प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण का विस्तार किया जाएगा। बाढ़, भूस्खलन और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए नेपाल के चितवन स्थित कुरिनटार में संयुक्त स्विफ्ट वाटर रेस्क्यू अभ्यास आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।
यात्रियों की सुविधा के लिए बढ़ेंगे हेल्प डेस्क
सीमा नाकों से आने-जाने वाले वैध यात्रियों की सुविधा के लिए सहायता कक्षों (हेल्प डेस्क) का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा खेल प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय दिवसों और प्रमुख त्योहारों पर संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सद्भाव मजबूत हो सके।