{"_id":"68a76f70f01149b59e065111","slug":"siddharthnagar-news-team-started-investigation-in-the-case-of-paddy-crop-getting-damaged-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-143207-2025-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: धान की फसल खराब होने के मामले में टीम ने शुरू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: धान की फसल खराब होने के मामले में टीम ने शुरू की जांच
Fri, 22 Aug 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Aug 2025 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। सरकारी गोदामों से मिले सांभा धान के घटिया बीज और खराब हुए फसल की जांच शुरू हो गई है।
डीएम की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने इसकी जांच शुरु कर दी है। इटवा, खुनियांव के साथ-साथ जहां बीज बंटी है या फसल बर्बाद हुई है, उसकी जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके आधार पर किसानों को मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इटवा तहसील में आयोजित समाधान दिवस में सुनील सिंह समेत कई किसानों ने डीएम डॉ. राजागण पति आर से शिकायत की थी कि उन्हें सरकारी गोदामों से सांभा मसूरी धान के नाम पर घटिया बीज मिला है।
किसानों ने बताया था कि सांभा मसूरी धान सामान्यतः 135 से 140 दिनों में पकता है, जबकि उन्हें मिले बीज से रोपाई के मात्र 25 दिन बाद ही बाली निकलने लगी। यही नहीं, इस धान के चावल में सांभा मसूरी जैसी मिठास और स्वाद भी नहीं है।
शिकायत को गंभीरता से लेते डीएम ने कमेटी गठित की है। इसमें कृषि विभाग के अलावा प्रशासन और राजस्व की टीम लगाई गई। इटवा तहसील क्षेत्र के टिकुइया गांव में टीम ने स्थलीय सत्यापन किया है। अन्य क्षेत्रों में चरणवार जांच शुरू की गई है। इटवा क्षेत्र के में एसडीएम इटवा कुणाल, डीडीओ सतीश कुमार और उप कृषि निदेशक राजेश कुमार की तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है।
विज्ञापन
इसमें टिकुइया गांव जांच कर चुकी है। अन्य गांवों में टीम जाकर खेत को देख रही है। जिले में 260 क्विंटल बीज का वितरण किया था। इसमें साढ़े सात हजार बीघा फसल धान की रोपाई जिले में हुई है।
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मो. मुज्जमिल ने बताया कि टीम गठित हुई है, जो स्थलीय निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है।र
विज्ञापन
डीएम की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने इसकी जांच शुरु कर दी है। इटवा, खुनियांव के साथ-साथ जहां बीज बंटी है या फसल बर्बाद हुई है, उसकी जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके आधार पर किसानों को मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इटवा तहसील में आयोजित समाधान दिवस में सुनील सिंह समेत कई किसानों ने डीएम डॉ. राजागण पति आर से शिकायत की थी कि उन्हें सरकारी गोदामों से सांभा मसूरी धान के नाम पर घटिया बीज मिला है।
किसानों ने बताया था कि सांभा मसूरी धान सामान्यतः 135 से 140 दिनों में पकता है, जबकि उन्हें मिले बीज से रोपाई के मात्र 25 दिन बाद ही बाली निकलने लगी। यही नहीं, इस धान के चावल में सांभा मसूरी जैसी मिठास और स्वाद भी नहीं है।
विज्ञापन
शिकायत को गंभीरता से लेते डीएम ने कमेटी गठित की है। इसमें कृषि विभाग के अलावा प्रशासन और राजस्व की टीम लगाई गई। इटवा तहसील क्षेत्र के टिकुइया गांव में टीम ने स्थलीय सत्यापन किया है। अन्य क्षेत्रों में चरणवार जांच शुरू की गई है। इटवा क्षेत्र के में एसडीएम इटवा कुणाल, डीडीओ सतीश कुमार और उप कृषि निदेशक राजेश कुमार की तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है।
विज्ञापन
इसमें टिकुइया गांव जांच कर चुकी है। अन्य गांवों में टीम जाकर खेत को देख रही है। जिले में 260 क्विंटल बीज का वितरण किया था। इसमें साढ़े सात हजार बीघा फसल धान की रोपाई जिले में हुई है।
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मो. मुज्जमिल ने बताया कि टीम गठित हुई है, जो स्थलीय निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है।र