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Siddharthnagar News: कालाबाजारी पर ब्रेक लगाएगी टीम-150, किसानों को मिलेगी खाद

Wed, 10 Dec 2025 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 10 Dec 2025 11:36 PM IST
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Siddharthnagar News: Team-150 will put a stop to black marketing, farmers will get fertilizers
- शासन में पहुंचा मामला, यूरिया की किल्लत पर सख्त हुआ प्रशासन, अब फील्ड में उतरेंगे अफसर
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- 14 ब्लॉकों में 150 अफसरों की टीम सक्रिय, मार्च के लक्ष्य 63370 एमटी के सापेक्ष अबतक 27 हजार मीट्रिक टन यूरिया मिला
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार बढ़ रही यूरिया की किल्लत, ओवर रेटिंग और कालाबाजारी की शिकायतें शासन तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खाद वितरण पारदर्शिता पूर्ण तरीके से हो सके, इसके लिए पहली बार जिले में ब्लॉक स्तर तक निगरानी की जाएगी। गड़बड़ी को रोकने के लिए टीम-150 काम करेगी। इसमें कृषि, सहकारिता और राजस्व के कर्मचारी शामिल होंगे। 15 ब्लॉक में यह टीम सहकारी समिति और निजी दुकानों पर नजर रखेगी। गड़बड़ी मिलने पर रिपोर्ट करेगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत और हो हल्ला को देखते हुए किसानों की समस्या कम हो और किसानों को सही समय पर, सही दर पर यूरिया उपलब्ध कराने में कोई चूक न हो सके। इसके लिए यह टीम काम करेगी। इसमें कृषि अधिकारी मॉनिटरिंग करेंगे और गड़बड़ी पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही केस भी दर्ज कराएंगे।
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गोपनीय टीम की रिपोर्ट के बाद हड़कंप

खाद वितरण की हकीकत जानने के लिए शासन की टीम जिले में जांच कर चुकी है। गोपनीय जांच टीम ने जिले की वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का संकेत देते हुए अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार गोपनीय टीम ने कई दुकानों पर स्टॉक का अंतर, रजिस्टर में हेराफेरी और मनमानी कीमत वसूले जाने की पुष्टि की है। इसी आधार पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन मोड में आया है। जिले के सभी 14 ब्लॉकों में 150 से अधिकारियों की विशेष टीम तैनात कर दी गई है जो अगले कुछ दिनों तक लगातार यूरिया वितरण की निगरानी करेगी। जिला प्रशासन का मानना है कि यूरिया की कमी नहीं है बल्कि वितरण में मनमानी ही किसानों की परेशानी की सबसे बड़ी वजह बन रही है। इसकी पुष्टि इसी से होती है कि जिले को अबतक मार्च के लक्ष्य 63370 एमटी के सामेक्ष अबतक 27 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया मिल चुका है, फिर भी शिकायतों में कमी नहीं आई।
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111 सहकारी समितियों पर कड़ी नजर

जिले में इस समय 111 सहकारी समितियों और 1004 निजी दुकानों पर मंगलवार से शाम से बुधवार शाम तक करीब पौने दो लाख बोरी यूरिया की लॉट उपलब्ध है। इतनी बड़ी मात्रा के बावजूद बाजार में अफरा-तफरी मची हुई थी। आरोप है कि कुछ दुकानदार स्टॉक रोककर ओवर रेटिंग कर रहे थे। प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि न तो ओवर रेटिंग बर्दाश्त की जाएगी और न ही रात के अंधेरे में चोरी-छिपे बिक्री। यदि कोई दुकानदार रात में बिक्री करते पकड़ा गया तो उसका लाइसेंस सीधे निरस्त किया जाएगा।
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मांगा गया है जवाब

चार दुकानों पर ओवर रेटिंग और फर्जी स्टॉक दिखाने के मामले में निलंबन की नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। साथ ही विभिन्न कर्मियों के पाए जाने पर 27 दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। इसके साथ ही खरीफ के सीजन से अबतक 32 दुकानदारों पर खाद डंप करने और अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, कठोर कार्रवाई के संकेत दे दिए गए हैं।

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ब्लॉक स्तरीय टीमों की जिम्मेदारियां, अब हर कदम पर नजर

नई गठित 150 सदस्यीय विशेष निगरानी टीम का काम केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं होगा बल्कि ये टीमें हर दुकान और हर सहकारी समिति की पूरी प्रक्रिया का वास्तविक मूल्यांकन करेंगी।

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टीमों को मिले प्रमुख अधिकार

इस टीम को स्टॉक रजिस्टर, परिवहन पर्ची और बिक्री पंजी का मिलान, मौके पर स्टॉक की भौतिक गणना, किसानों से रेट की पुष्टि, ओवररेटिंग, कालाबाजारी और छिपा स्टॉक मिलने पर तत्काल रिपोर्ट, रात में बिक्री की गुप्त निगरानी, प्रतिदिन जिले को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी दुकान पर एक भी शिकायत सही पाई जाती है तो रिपोर्ट में उसे प्राथमिकता से दर्ज किया जाए ताकि उसी दिन कार्रवाई संभव हो सके।

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यूरिया संकट की जड़ कहां

1. पर्याप्त सप्लाई, लेकिन वितरण में खामियां सप्लाई रिकॉर्ड स्तर पर है, फिर भी किसानों को खाद समय पर नहीं मिल रही।
2. स्टॉक रोक कर ओवर रेटिंग कुछ दुकानदार अधिक मुनाफे के लालच में स्टॉक छिपाकर रखते रहे।
3. समितियों की लापरवाही कई सहकारी समितियों पर गलत एंट्री और अनियमित वितरण की शिकायतें।
4. नियंत्रण की कमी पहले निगरानी तंत्र कमजोर था, जिससे मनमानी करने वालों का हौसला बढ़ा।
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बोले जिम्मेदार
किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आने वाले दिनों में किसी भी कीमत पर किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। निगरानी टीम बनाई गई है जो नियमित जांच करेगी और रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ओवर रेटिंग में चार दुकानों को नोटिस जारी किया गया है। सही जवाब नहीं मिलने लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। 27 दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया गया है।
- मो. मुज्जमिल, जिला कृषि अधिकारी
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