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Siddharthnagar News: डबल डेकर बस में छिपा रखी थी नकली शराब, तीन दबोचे गए

Mon, 10 Aug 2026 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 10 Aug 2026 11:55 PM IST
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Siddharthnagar News: Spurious liquor hidden in double-decker bus; three arrested
पुलिस लाइल परिसर में बरामद मिश्रित अंग्रेजी शराब के अवैध कारोबार में सामान के सा​थ 3 अभियुक्त। 
- दिल्ली, गोरखपुर और संतकबीरनगर के अरोपी, क्यूआर कोड से असली ब्रांड के नाम पर शराब खपाने की थी तैयारी
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- मऊ, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर के रास्ते लखनऊ पहुंचाई जा रही थी खेप, रूट बदलने पर बांसी में पकड़े गए तस्कर
- बांसी में पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, तीन गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। एसओजी, बांसी पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने शराब की तस्करी करने वाले अंतरराजयीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। रविवार की रात बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर प्रतापपुर के पास डबल डेकर बस की तलाशी में दिल्ली, गोरखपुर और संतकबीरनगर के तीन आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस को दावा है कि पकड़ा गया गिरोह डबल डेकर स्लीपर बस में तस्करी करता था। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया है।
एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि अभी हाल ही में अंग्रेजी शराब बनाकर बिक्री करने वाले गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क सामने आया। इसकी जांच के लिए एसओजी और बांसी कोतवाली की पुलिस लगी हुई थी। प्रभारी निरीक्षक थाना बांसी मृत्युंजय पाठक, प्रभारी एसओजी चंद्रकांत पांडेय और आबकारी विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में रविवार रात टीम बांसी-डुमरियागंज मार्ग, प्रतापपुर के पास सूचना के आधार पर डबल डेकर स्लीपर बस को रोककर तलाशी ली। इस दौरान बस में सवार तीन आरोपियों गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इनकी पहचान राम प्रताप प्रजापति उर्फ गुरु प्रजापति निवासी जंगल एकला नंबर-2 टोला बेनीगंज थाना गुलरिहा, जनपद गोरखपुर, दीपक जायसवाल निवासी भरत बिहार राजापुरी थाना डाबरी मोड़ जिला उत्तम नगर नई दिल्ली, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, निवासी लाला फरेंदिया, थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई।
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बस की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकली अंग्रेजी शराब के ढक्कन, क्यूआर कोड (सील रैपर), हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब, स्प्रिट अल्कोहल, शराब बनाने में प्रयुक्त सेंट, नई खाली बोतलें और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि बस को किराए पर लेकर तस्करी की जा रही थी।
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नकली पैकिंग से बड़ा मुनाफा कमाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अवैध कारोबार का जो नेटवर्क सामने आया है उसकी कड़ियां कई जिलों तक जुड़ी हैं। आरोपी हरियाणा से सस्ते दाम पर अंग्रेजी शराब लाकर दूसरे स्थानों पर अधिक कीमत में बेचने की योजना बना रहे थे। इसके साथ ही शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली स्प्रिट, सेंट, खाली बोतल, नकली ढक्कन और क्यूआर कोड भी ले जाए जा रहे थे। बरामद सामग्री को देखकर पुलिस को आशंका है कि अवैध शराब को नामी ब्रांड का रूप देकर बाजार में खपाने की तैयारी थी। पूछताछ में आरोपी दीपक जायसवाल ने यह भी बताया कि शराब की खेप हरियाणा से लाई गई थी। इसे मऊ, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर होते हुए लखनऊ ले जाने की योजना थी। बस्ती वाला रूट बंद होने के कारण तस्करों ने फरेंदा होते हुए सिद्धार्थनगर की ओर से लखनऊ जाने का रास्ता चुना। इसी दौरान बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर प्रतापपुर के पास पुलिस की चेकिंग में बस रोक ली गई। तलाशी शुरू होते ही बस में छिपाई गई सामग्री सामने आती चली गई।
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पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि की जांच में भी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी शराब या गांजा तस्करी के मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं। राम प्रताप उर्फ गुरु प्रजापति थाना बांसी में दर्ज एक पुराने मामले में वांछित था। वहीं जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने मुकदमों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में दीपक जायसवाल ने बताया कि वह पूर्व में गांजा तस्करी के मामले में देवरिया जेल में बंद रहा था। जेल से बाहर आने के बाद उसकी पहचान प्रमोद यादव के माध्यम से गोरखपुर निवासी जितेंद्र से हुई। इसके बाद राम प्रताप उर्फ गुरु प्रजापति से संपर्क हुआ। पुलिस के अनुसार, इसी नेटवर्क के माध्यम से नकली ढक्कन और स्प्रिट जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी और आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई की जाती थी।

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20 हजार रुपये से पुलिस टीम पुरस्कृत
बांसी पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने टीम को 20 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भारी मात्रा में बरामद नकली पैकिंग सामग्री से संभावित रूप से नकली या मिलावटी शराब को असली ब्रांड के नाम पर बाजार में उतारने की कोशिश पर रोक लगी है। कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार के साथ ही संभावित जनहानि और सरकारी राजस्व के नुकसान को रोकने में भी मदद मिली है।
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