फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News : Siddharthnagar News : Death of accused in Takkarar...Now finally released from jail

Siddharthnagar News: तकरार में ले ली मासूमों की जान...अब जेल में निकलेगी आखिरी सांस

Mon, 02 Feb 2026 10:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 02 Feb 2026 10:53 PM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News : Siddharthnagar News : Death of accused in Takkarar...Now finally released from jail
सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के परसा देवाईचपार में 26 जुलाई 2017 को पति अर्जुन से तकरार में अनीता ने अपने दो मासूम बच्चों सुरेंद्र (5) और वीरेंद्र (6) तालाब में डुबाकर मौत के घाट उतार दिया था। इस वारदात ने इलाके को झकझोर कर रख दिया था। इससे बच्चों के पिता ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कातिल महिला को सजा दिलाई।
विज्ञापन

नौ साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने महिला को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई जबकि इस जघन्य अपराध में सहयोगी महिला के बहनोई वसंतलाल को तीन वर्ष की सजा सुनाई गई है। पिता अर्जुन ने बताया कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार सच्चाई की जीत हुई।
विज्ञापन

मामला 26 जुलाई 2017 का है। घर में आए दिन होने वाले विवाद और आपसी कलह के बीच उस दिन विवाद इस कदर बढ़ा कि मां ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। दोनों मासूम बेटों को घर से बाहर ले जाकर तालाब में डूबो दिया। शुरू में मामले को हादसा दिखाने की कोशिश हुई, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और बच्चों की संदिग्ध मौत ने महिला को शक के घेरे में ला खड़ा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के समय पिता अर्जुन घर पर मौजूद नहीं था। बच्चों के मामा ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस मामले की छानबीन जुटी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने धीरे-धीरे कहानी की परतें खोल दीं। जांच अधिकारियों ने पाया कि हत्या सुनियोजित थी और घरेलू विवाद इसकी वजह बना।
यह है घटनाक्रम: घटना ढेबरुआ थानाक्षेत्र में परसा देवाईचपार में 26 जुलाई 2017 को घटी थी। अभियोजन कथानक के अनुसार थाना त्रिलोकपुर क्षेत्र के गांव मुड़िला बक्शी निवासी प्रदीप प्रजापति उर्फ छोटू ने ढेबरुआ थाने पर तहरीर देकर कहा कि 26 जुलाई 2017 को सुबह उसके चचेरे भाई ढिल्लन ने बताया कि तुम्हारे भांजे सुरेंद्र व वीरेंद्र की लाश ग्राम परसा देवाइचपार गांव के पश्चिम स्कूल के पास तालाब में मिला है तथा बहन अनीता और भांजी लक्ष्मी लापता हैं।
इस सूचना पर वह अपने बहन के गांव देवाईचपार पहुंचा, जहां पोखरी के किनारे दोनों बच्चों मिली। प्रदीप ने आरोप लगाया था कि अनीता से उसके पति अर्जुन और ससुर राम लौटन से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। दोनों भांजों की हत्या तथा अनीता व लक्ष्मी को इन्हीं लोगों ने गायब किया है। पुलिस ने तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच शुरू की।

जांच में बच्चों की हत्या उनकी मां अनीता द्वारा ही करने की बात सामने आई और उसको बचाने के लिए उसके बहनोई बसंतलाल प्रजापति ने उसको संरक्षण दिया। विवेचना की समाप्ति कर पुलिस ने अनीता के विरुद्ध हत्या करके सबूत छिपाने और बसंतलाल प्रजापति के खिलाफ कानून से बचाने के लिए अनीता को संरक्षण देने के अपराध में आरोप-पत्र मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में प्रेषित किया। इसके बाद सुनवाई आगे बढ़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed