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Siddharthnagar News: ऑटो में ओवरलोडिंग...सामान की तरह ढो रहे इनसान
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शहर के साड़ी तिराहे पर ऑटो में सवारियों ठूसकर ले जाते चालक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर निजी वाहन से यात्रा कर रहे हैं तो संभल कर करें। क्योंकि अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग और क्षमता से अधिक सवारी भरकर ई- रिक्शा और टैंपो में सवारी भर रहे हैं। नजीता हादसे पर हादसे हो रहे हैं।
संतकबीरनगर में क्षमता से अधिक सवारी लेकर जा रहा टैंपो बस से टकरा गया। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। इस प्रकार की घटनाओं से यहां भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि नगर के प्रमुख स्टैंड पर पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।
जहां क्षमता से अधिक सवारी बैठे मिले, वहीं, चालक तिरछा होकर किसी तरह से हैंडिल पकड़े नजर आए। अधिक सवार भरकर रुपये की कमाने की लालच में दूसरे की जिंदगी से खेल रहे हैं।
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क्षमता से अधिक सवारी, ऊपर से सामान : ई-रिक्शा में चार और टैंपो में पांच सवारी भरकर चलने की परमिट संभागीय परिवहन भी विभाग से अनुमति मिलती है, लेकिन अलग से सीट लगवाकर टैंपो वाले 10 से 12 सवारी बैठाकर चल रहे हैं। वहीं, छह से अधिक ई- रिक्शा वाले लेकर चल रहे हैं। किस प्रकार से नियम का उल्लंघन किया जा जा रहा है।
बुधवार को इसकी हकीकत जानने की कोशिश की गई। इसमें बांसी तिराहा से बांसी के लिए और बर्डपुर, ककरहवा और अलीगढ़वा के लिए टैंपो और ई- रिक्शा की लाइन लगी थी। लग्न होने के कारण सवारियों का ठूसकर भरे थे। इसके साथ ही ऊपर सामान लदा रखा था। दिनेश कुमार ने बताया कि इसमें अधिकांश के पास लाइसेंस के बिना चला रहे हैं।
साथ ही नाबालिग भी हैं, लेकिन कोई देखना वाला नहीं है। जबकि, यह मुख्य केंद्र हैं। इसी प्रकार साड़ी तिराहा के पास बांसी रोड पर हाईवे पर ई-रिक्शा और टैंपो में इसी प्रकार से सवारी लदे हुए दिखे। यहीं बगल पुलिस बूथ है और जवान तैनात रहते हैं। इसके बाद भी कोई रोक-टोक नहीं है। इसी प्रकार जिले के तहसील मुख्यालय और कस्बों का हाल है, जहां लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
200 पर हुई कार्रवाई : ई- रिक्शा और टैंपो की संख्या 10 हजार से अधिक है। इसमें ई- रिक्शा की तो बाढ़ आ गई है। जो पाया ई- रिक्शा निकाल लिया।
शासन ने ई- रिक्शा से होने वाली जाम की समस्या और हादसे को देखते हुए जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया था।
एआरटीओ की ओर से चलाए गए अभियान में 200 से अधिक ई- रिक्शा सीज करने की कार्रवाई की गई। इसमें अधिकांश बिना लाइसेंस, बिना पंजीकरण के संचालित मिले थे। अगर अभियान चले और बिना मानक के पकड़ में आएंगे। जो बेधड़क चल रहे हैं।ो
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सिद्धार्थनगर। अगर निजी वाहन से यात्रा कर रहे हैं तो संभल कर करें। क्योंकि अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग और क्षमता से अधिक सवारी भरकर ई- रिक्शा और टैंपो में सवारी भर रहे हैं। नजीता हादसे पर हादसे हो रहे हैं।
संतकबीरनगर में क्षमता से अधिक सवारी लेकर जा रहा टैंपो बस से टकरा गया। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। इस प्रकार की घटनाओं से यहां भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि नगर के प्रमुख स्टैंड पर पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।
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जहां क्षमता से अधिक सवारी बैठे मिले, वहीं, चालक तिरछा होकर किसी तरह से हैंडिल पकड़े नजर आए। अधिक सवार भरकर रुपये की कमाने की लालच में दूसरे की जिंदगी से खेल रहे हैं।
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क्षमता से अधिक सवारी, ऊपर से सामान : ई-रिक्शा में चार और टैंपो में पांच सवारी भरकर चलने की परमिट संभागीय परिवहन भी विभाग से अनुमति मिलती है, लेकिन अलग से सीट लगवाकर टैंपो वाले 10 से 12 सवारी बैठाकर चल रहे हैं। वहीं, छह से अधिक ई- रिक्शा वाले लेकर चल रहे हैं। किस प्रकार से नियम का उल्लंघन किया जा जा रहा है।
बुधवार को इसकी हकीकत जानने की कोशिश की गई। इसमें बांसी तिराहा से बांसी के लिए और बर्डपुर, ककरहवा और अलीगढ़वा के लिए टैंपो और ई- रिक्शा की लाइन लगी थी। लग्न होने के कारण सवारियों का ठूसकर भरे थे। इसके साथ ही ऊपर सामान लदा रखा था। दिनेश कुमार ने बताया कि इसमें अधिकांश के पास लाइसेंस के बिना चला रहे हैं।
साथ ही नाबालिग भी हैं, लेकिन कोई देखना वाला नहीं है। जबकि, यह मुख्य केंद्र हैं। इसी प्रकार साड़ी तिराहा के पास बांसी रोड पर हाईवे पर ई-रिक्शा और टैंपो में इसी प्रकार से सवारी लदे हुए दिखे। यहीं बगल पुलिस बूथ है और जवान तैनात रहते हैं। इसके बाद भी कोई रोक-टोक नहीं है। इसी प्रकार जिले के तहसील मुख्यालय और कस्बों का हाल है, जहां लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
200 पर हुई कार्रवाई : ई- रिक्शा और टैंपो की संख्या 10 हजार से अधिक है। इसमें ई- रिक्शा की तो बाढ़ आ गई है। जो पाया ई- रिक्शा निकाल लिया।
शासन ने ई- रिक्शा से होने वाली जाम की समस्या और हादसे को देखते हुए जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया था।
एआरटीओ की ओर से चलाए गए अभियान में 200 से अधिक ई- रिक्शा सीज करने की कार्रवाई की गई। इसमें अधिकांश बिना लाइसेंस, बिना पंजीकरण के संचालित मिले थे। अगर अभियान चले और बिना मानक के पकड़ में आएंगे। जो बेधड़क चल रहे हैं।ो