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Siddharthnagar News: एक सप्ताह में भर जाएंगे उसका बाजार और चिल्हिया में 9.5 किमी सड़क के गड्ढे
Mon, 14 Sep 2026 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:45 PM IST
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जर्जर पड़ा शोहरतगढ़ क्षेत्र के बरगदवा से चिल्हिया मार्ग। संवाद
सिद्धार्थनगर। एनएच-730 पर बाईपास निर्माण के चलते उसका बाजार और चिल्हिया में छूटी 9.5 किलोमीटर लंबी पुरानी सड़क के गड्ढे अब एक सप्ताह में भरे जाएंगे। वहीं, 35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने के साथ ही निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
ऐसे में एक माह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार बारिश थमते ही अक्तूबर में निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
जर्जर सड़क के गड्ढों का दायरा बारिश के दौरान और बढ़ जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढे भरे जाने से फिलहाल जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे लोगों को राहत मिलेगी। एनएचएआई के नियमों के अनुसार बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद ही उससे छूटी पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाता है। करीब पांच वर्ष पहले महराजगंज जिले की सीमा से उसका बाजार और शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू हुई थी। सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ उसका और चिल्हिया में बाईपास का निर्माण भी कराया जा रहा है।
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बाईपास निर्माण के चलते उसका बाजार कस्बे और चिल्हिया रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरने वाली पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण और मरम्मत नहीं हो सकी। इससे उसका बाजार में करीब सात किलोमीटर और चिल्हिया में 2.5 किलोमीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
बाईपास का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण उसका, फरेंदा और गोरखपुर सहित अन्य स्थानों पर प्रतिदिन पुरानी सड़क से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब 35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। एनएचएआई के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि बारिश से बने गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बारिश ने बढ़ाया गड्ढों का आकार : उसका बाजार। शहर से उसका बाजार होते हुए गोरखपुर जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गड्ढों का आकार बारिश में और बढ़ गया है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
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ऐसे में एक माह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार बारिश थमते ही अक्तूबर में निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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जर्जर सड़क के गड्ढों का दायरा बारिश के दौरान और बढ़ जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढे भरे जाने से फिलहाल जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे लोगों को राहत मिलेगी। एनएचएआई के नियमों के अनुसार बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद ही उससे छूटी पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाता है। करीब पांच वर्ष पहले महराजगंज जिले की सीमा से उसका बाजार और शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू हुई थी। सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ उसका और चिल्हिया में बाईपास का निर्माण भी कराया जा रहा है।
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बाईपास निर्माण के चलते उसका बाजार कस्बे और चिल्हिया रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरने वाली पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण और मरम्मत नहीं हो सकी। इससे उसका बाजार में करीब सात किलोमीटर और चिल्हिया में 2.5 किलोमीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
बाईपास का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण उसका, फरेंदा और गोरखपुर सहित अन्य स्थानों पर प्रतिदिन पुरानी सड़क से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब 35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। एनएचएआई के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि बारिश से बने गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बारिश ने बढ़ाया गड्ढों का आकार : उसका बाजार। शहर से उसका बाजार होते हुए गोरखपुर जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गड्ढों का आकार बारिश में और बढ़ गया है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।