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Siddharthnagar News: शहर में 850 से अधिक होर्डिंग, अनुमति सिर्फ 16 की

Sat, 24 Oct 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 24 Oct 2026 12:12 AM IST
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Siddharthnagar News: Over 850 hoardings in the city; permission granted for only 16
शहर के भारत माता चौक पर लगा हुआ होर्डिंग। संवाद
- शहर के मुख्य मार्ग व अशोक मार्ग समेत चौराहों पर लगा है होर्डिंग का जाल
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नगर पालिका में अन्य आवेदनों की प्रक्रिया जारी, प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगे विज्ञापनों की वैधता पर सवाल
सिद्धार्थनगर। शहर में होर्डिंग लगाने के लिए नगर पालिका से मिली अनुमति और सड़कों पर लगे विज्ञापनों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया है। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में एक व्यक्ति को 16 होर्डिंग लगाने की अनुमति मिली है, जबकि शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और डिवाइडरों पर करीब 850 से अधिक होर्डिंग लगे हैं। कुछ अन्य लोगों ने भी अनुमति के लिए आवेदन किया है, जिनकी प्रक्रिया अभी जारी है।
मुख्य मार्ग, अशोक मार्ग, उसका रोड, पुरानी नौगढ़, साड़ी तिराहा, सनई चौराहा, हाइडिल तिराहा और बांसी तिराहा समेत कई स्थानों पर होर्डिंग लगे नजर आ रहे हैं। मुख्य मार्ग पर हुसैनगंज से रेलवे क्रॉसिंग होते हुए सिद्धार्थ चौक तक 150 से अधिक छोटे-बड़े होर्डिंग हैं। इनमें विभिन्न आयोजनों और त्योहारों के प्रचार संबंधी विज्ञापन भी शामिल हैं।
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हादसे की आशंका, जिम्मेदार मौन
शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर बेतरतीब ढंग से लगे होर्डिंग हादसों का कारण बन सकते हैं। कई जगह विज्ञापनों के पीछे यातायात संकेतक छिप रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं, जर्जर फ्रेम पर लगे होर्डिंग तेज हवा में गिरकर राहगीरों को चोटिल कर सकते हैं। ऐसे में होर्डिंग की वैधता की जांच के साथ कमजोर ढांचों को हटाना जरूरी है। मगर सबकुछ देखने के बाद भी जिम्मेदार मौन हैं।
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ई-रिक्शा चालक पप्पू पासवान ने कहा कि कई जगहों पर होर्डिंग के कारण यातायात संकेतक नहीं दिखते हैं, इससे वाहन चलाने में दिक्कत होती है।
वाहन चालक अफसर का कहना है कि सड़क किनारे जर्जर फ्रेम पर लगे होर्डिंग के तेज हवा चलने पर गिरने से हादसे की आशंका बनी रहती है।
अधिवक्ता शेषमणि प्रजापति का कहना है कि शहर में जगह-जगह एक दूसरे सटाकर होर्डिंग लगाने से जरूरी संकेतक नहीं दिखने से हादसे का खतरा है।
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शहर में होर्डिंग लगाने के नियम
-होर्डिंग ट्रैफिक सिग्नल, मुख्य सड़क संकेतकों और मोड़ों से 25 से 50 मीटर की सुरक्षित दूरी पर होने चाहिए, ताकि वाहन चालकों का ध्यान न भटके।
-होर्डिंग केवल मजबूत स्तंभों और लोहे की संरचना पर ही लगाए जाने चाहिए। बांस, बल्ली या लकड़ी के फ्रेम का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
-प्रत्येक होर्डिंग पर विज्ञापन प्रकाशित करने वाली फर्म का नाम और मोबाइल नंबर अंकित होना जरूरी है।
-होर्डिंग पर अश्लील, आपत्तिजनक और विवादित पोस्टर लगाना प्रतिबंधित है।
-टूटे हुए फ्रेम या पोल पर होर्डिंग नहीं लगाया जा सकता।
-ऐतिहासिक स्मारकों, स्कूलों, अस्पतालों, पुलों, धार्मिक स्थलों और पुरातात्विक स्थलों के पास होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध है।
-होर्डिंग पर ऐसी तेज चमक वाली या लाल-नीली फ्लैशिंग लाइट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जो आपातकालीन संकेतों या ट्रैफिक सिग्नल जैसी प्रतीत हो।
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शहर में 16 होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई है। नगर पालिका की ओर से निर्धारित स्थलों के अलावा जहां भी वैध तरीके से होर्डिंग लगाए गए है, उन्हें अभियान चलाकर हटवाया जाएगा।
- अजय कुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका
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