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Siddharthnagar News: 122 सहकारी समितियों के सचिवों को नोटिस, खाद संकट से जूझ रहे किसान
Tue, 27 Oct 2026 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:39 PM IST
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नौगढ़ तहसील के पास स्थित बंद पड़ी साधन सहकारी समिति। संवाद
- हड़ताल से पांच दिन से ठप है खाद वितरण, गेहूं की बुवाई के बीच निजी दुकानों का सहारा
सिद्धार्थनगर। सचिवों की हड़ताल से जिले की 122 सहकारी समितियों पर खाद वितरण प्रभावित होने पर सभी सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पांच दिन से समितियों पर ताले लटके होने से किसान डीएपी और अन्य खाद के लिए भटक रहे हैं। गेहूं, सरसों, मटर और चना की बुवाई के बीच उन्हें निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
जिला मुख्यालय से लेकर बढ़नी, शोहरतगढ़, पथरा और लोटन क्षेत्र तक समितियों का कामकाज प्रभावित है। सचिव नियमित वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिला मुख्यालय पर तहसील के पास स्थित सहकारी समिति पर मंगलवार को ताला लटका मिला। पटनी निवासी रामसुमेर ने बताया कि धान की कटाई के बाद सरसों और मटर की बुवाई करनी है। इसके लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन दो दिन से समिति के चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिली। रेहरवा निवासी राजदेव यादव ने बताया कि उनके तीन बीघा खेत तैयार हैं। गेहूं और सरसों की बुवाई करनी है। समिति बंद होने के कारण अब निजी दुकान से खाद खरीदनी पड़ेगी, ताकि बुवाई में देरी न हो।
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बढ़नी में आठ समितियां बंद, 15 हजार किसान प्रभावित
तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक की औदही कलां, परसा स्टेशन, पकड़िहवा, ढेबरुआ, बोहली, बैरिहवा, बसहिया और धनौरा मुस्तहकम स्थित आठ साधन सहकारी समितियों का कामकाज ठप है। इनसे करीब 15 हजार किसान खाद और बीज लेते हैं। किसान मो. फैजान, रहमान खान, सुभाष तिवारी, कन्हैया लाल, सलाउद्दीन, लक्ष्मीकांत तिवारी, हरिनारायण मिश्र और विजय यादव ने समितियां खुलवाकर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
शोहरतगढ़ क्षेत्र में भी खाद का संकट
पकड़ी बाजार। जोगिया ब्लॉक की नगपरा, जम्हिरिया और जखलिया पकड़ी तथा शोहरतगढ़ ब्लॉक की कोटिया और संतोरा साधन सहकारी समितियां बंद हैं। इससे करीब 12 हजार किसानों के सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है। किसान सोमनाथ यादव, ओमप्रकाश मिश्रा, नईम खान, रोहित कुमार, इंद्रावती, नैरु निशा और रामप्यारे ने बताया कि समितियों से खाद नहीं मिलने के कारण उन्हें लौटना पड़ रहा है। निजी दुकानों से खाद खरीदने पर लागत बढ़ रही है।
पथरा में भी तीन समितियों का कामकाज ठप
पथरा। सचिवों की हड़ताल से क्षेत्र की तीन सहकारी समितियां बंद हैं। किसान सहकारी संघ पथरा पर करीब 300, कम्हरिया बुजुर्ग समिति पर 500 और ककुवा उर्फ भतिजवापुर समिति पर लगभग 450 किसान पंजीकृत हैं। किसान जितेंद्र ने बताया कि गेहूं की बुवाई के समय खाद नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। रामगोपाल चौरसिया ने कहा कि समिति बंद होने के कारण निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ रही है। लोटन क्षेत्र में भी आलू, मटर, चना, सरसों और तीसी की बुवाई के लिए खाद लेने पहुंच रहे किसान निराश लौट रहे हैं।
बोले किसान
गेहूं, लाही और मटर की बुवाई के लिए डीएपी की जरूरत है। समिति पहुंचने पर पता चलता है कि सचिव हड़ताल पर हैं। जल्द समितियां नहीं खुलीं तो महंगी खाद खरीदनी पड़ेगी और बुवाई प्रभावित होने का खतरा है।
- शोभनाथ यादव, किसान, जम्हिरिया
दो दिन से लगातार समिति के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन ताला बंद मिल रहा है। खाद नहीं मिलने से बुवाई में देरी की चिंता है। अब मजबूरी में निजी दुकान से अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
- रामबृक्ष माली, किसान, जम्हिरिया
बोले जिम्मेदार
सचिवों की हड़ताल के चलते समितियां बंद होने से समस्या पैदा हुई है। सभी सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- प्रकाश गौतम, एआर कोऑपरेटिव
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सिद्धार्थनगर। सचिवों की हड़ताल से जिले की 122 सहकारी समितियों पर खाद वितरण प्रभावित होने पर सभी सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पांच दिन से समितियों पर ताले लटके होने से किसान डीएपी और अन्य खाद के लिए भटक रहे हैं। गेहूं, सरसों, मटर और चना की बुवाई के बीच उन्हें निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
जिला मुख्यालय से लेकर बढ़नी, शोहरतगढ़, पथरा और लोटन क्षेत्र तक समितियों का कामकाज प्रभावित है। सचिव नियमित वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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जिला मुख्यालय पर तहसील के पास स्थित सहकारी समिति पर मंगलवार को ताला लटका मिला। पटनी निवासी रामसुमेर ने बताया कि धान की कटाई के बाद सरसों और मटर की बुवाई करनी है। इसके लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन दो दिन से समिति के चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिली। रेहरवा निवासी राजदेव यादव ने बताया कि उनके तीन बीघा खेत तैयार हैं। गेहूं और सरसों की बुवाई करनी है। समिति बंद होने के कारण अब निजी दुकान से खाद खरीदनी पड़ेगी, ताकि बुवाई में देरी न हो।
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बढ़नी में आठ समितियां बंद, 15 हजार किसान प्रभावित
तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक की औदही कलां, परसा स्टेशन, पकड़िहवा, ढेबरुआ, बोहली, बैरिहवा, बसहिया और धनौरा मुस्तहकम स्थित आठ साधन सहकारी समितियों का कामकाज ठप है। इनसे करीब 15 हजार किसान खाद और बीज लेते हैं। किसान मो. फैजान, रहमान खान, सुभाष तिवारी, कन्हैया लाल, सलाउद्दीन, लक्ष्मीकांत तिवारी, हरिनारायण मिश्र और विजय यादव ने समितियां खुलवाकर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
शोहरतगढ़ क्षेत्र में भी खाद का संकट
पकड़ी बाजार। जोगिया ब्लॉक की नगपरा, जम्हिरिया और जखलिया पकड़ी तथा शोहरतगढ़ ब्लॉक की कोटिया और संतोरा साधन सहकारी समितियां बंद हैं। इससे करीब 12 हजार किसानों के सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है। किसान सोमनाथ यादव, ओमप्रकाश मिश्रा, नईम खान, रोहित कुमार, इंद्रावती, नैरु निशा और रामप्यारे ने बताया कि समितियों से खाद नहीं मिलने के कारण उन्हें लौटना पड़ रहा है। निजी दुकानों से खाद खरीदने पर लागत बढ़ रही है।
पथरा में भी तीन समितियों का कामकाज ठप
पथरा। सचिवों की हड़ताल से क्षेत्र की तीन सहकारी समितियां बंद हैं। किसान सहकारी संघ पथरा पर करीब 300, कम्हरिया बुजुर्ग समिति पर 500 और ककुवा उर्फ भतिजवापुर समिति पर लगभग 450 किसान पंजीकृत हैं। किसान जितेंद्र ने बताया कि गेहूं की बुवाई के समय खाद नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। रामगोपाल चौरसिया ने कहा कि समिति बंद होने के कारण निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ रही है। लोटन क्षेत्र में भी आलू, मटर, चना, सरसों और तीसी की बुवाई के लिए खाद लेने पहुंच रहे किसान निराश लौट रहे हैं।
बोले किसान
गेहूं, लाही और मटर की बुवाई के लिए डीएपी की जरूरत है। समिति पहुंचने पर पता चलता है कि सचिव हड़ताल पर हैं। जल्द समितियां नहीं खुलीं तो महंगी खाद खरीदनी पड़ेगी और बुवाई प्रभावित होने का खतरा है।
- शोभनाथ यादव, किसान, जम्हिरिया
दो दिन से लगातार समिति के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन ताला बंद मिल रहा है। खाद नहीं मिलने से बुवाई में देरी की चिंता है। अब मजबूरी में निजी दुकान से अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
- रामबृक्ष माली, किसान, जम्हिरिया
बोले जिम्मेदार
सचिवों की हड़ताल के चलते समितियां बंद होने से समस्या पैदा हुई है। सभी सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- प्रकाश गौतम, एआर कोऑपरेटिव