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भारत माता को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाना है : जिला कार्यवाह
Thu, 18 Dec 2025 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 18 Dec 2025 11:39 PM IST
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शोहरतगढ़। चिल्हिया कस्बे के भगत सिंह चौक पर बृहस्पतिवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया। हिंदू सम्मेलन समिति की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह ने कहा कि भारत माता को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाना है। यह तभी होगा जब हिंदुओं में एकजुटता आएगी।
उन्होंने कहा कि आरएसएस का शताब्दी वर्ष चल रहा है। इसमें दो चरण का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। तीसरे चरण में जगह-जगह हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम चल रहा है। इस सम्मेलन के जरिये हिंदू समाज के सभी वर्ग को एकजुट करना ही मुख्य उद्देश्य है। जिला कार्यवाह ने कहा कि समाज के भीतर परिवर्तन लाना है। सभी को पंच परिवर्तन यानि की सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण व नागरिक कर्तव्य का बोध कराने की जरूरत है। इसके लिए सभी के भीतर स्व प्रेरणा की भावना होना चाहिए। स्व प्रेरणा से ही हम समाज को बदलाव करने की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं। संत, महात्मा व संस्कृति इसे लेकर भी समाज को मंथन करने की जरूरत है। संत- महात्मा संन्यासी जीवन में संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की। इस दौरान अभय सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, साधना, रामशंकर वर्मा, पंकज श्रीवास्तव, धनंजय सिंह, शनि मद्धेशिया समेत अन्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आरएसएस का शताब्दी वर्ष चल रहा है। इसमें दो चरण का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। तीसरे चरण में जगह-जगह हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम चल रहा है। इस सम्मेलन के जरिये हिंदू समाज के सभी वर्ग को एकजुट करना ही मुख्य उद्देश्य है। जिला कार्यवाह ने कहा कि समाज के भीतर परिवर्तन लाना है। सभी को पंच परिवर्तन यानि की सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण व नागरिक कर्तव्य का बोध कराने की जरूरत है। इसके लिए सभी के भीतर स्व प्रेरणा की भावना होना चाहिए। स्व प्रेरणा से ही हम समाज को बदलाव करने की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं। संत, महात्मा व संस्कृति इसे लेकर भी समाज को मंथन करने की जरूरत है। संत- महात्मा संन्यासी जीवन में संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की। इस दौरान अभय सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, साधना, रामशंकर वर्मा, पंकज श्रीवास्तव, धनंजय सिंह, शनि मद्धेशिया समेत अन्य मौजूद रहे।
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