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Siddharthnagar News: श्रीमद्भागवत कथा सुनने से होती है सुख की अनुभूति
Sun, 23 Nov 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:44 AM IST
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बिस्कोहर। नगर के भगत सिंह नगर मोहल्ला फूलपुर राजा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन शुक्रवार रात कथा व्यास आचार्य रामजस ने बताया कि आज मानव भौतिक सुखों के चक्कर में अपने कर्मों को भूल गया है। इसी कारण मनुष्य कष्टों से घिरा पड़ा है। जीवन से सुख चैन गायब हो गया है।
जब मनुष्य के पूर्व जन्मों के पुण्य उदय होते है। तभी उसे श्रीमद्भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त होता है। इस कथा के सुनने मात्र से ही मानव के जन्मों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस कथा का रसपान करने वाले मानव को परम सुख और शांति की अनुभूति होती है। कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा प्रभु की इच्छा से ही प्राप्त होती है। अगर धन ज्यादा हो जाए तो नींद नहीं आती और धन कम हो तो चिंता सताने लगती है। कथा के दौरान सुंदर भजनों का गायन हुआ, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव से नृत्य करने लगे। कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान कथा व्यास ने आत्मदेव धुंधली और धुंधकारी की कथा सुनाई। इस मौके पर सुधीर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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जब मनुष्य के पूर्व जन्मों के पुण्य उदय होते है। तभी उसे श्रीमद्भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त होता है। इस कथा के सुनने मात्र से ही मानव के जन्मों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस कथा का रसपान करने वाले मानव को परम सुख और शांति की अनुभूति होती है। कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा प्रभु की इच्छा से ही प्राप्त होती है। अगर धन ज्यादा हो जाए तो नींद नहीं आती और धन कम हो तो चिंता सताने लगती है। कथा के दौरान सुंदर भजनों का गायन हुआ, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव से नृत्य करने लगे। कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान कथा व्यास ने आत्मदेव धुंधली और धुंधकारी की कथा सुनाई। इस मौके पर सुधीर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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