{"_id":"697cf4391f7d2de73f03cbc0","slug":"siddharthnagar-news-kavi-sammelan-organized-in-siddharthnagar-mahotsav-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1002-152618-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: दुनिया भर में सबसे आगे अपना हिन्दुस्तान रहे...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: दुनिया भर में सबसे आगे अपना हिन्दुस्तान रहे...
Fri, 30 Jan 2026 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर महोत्सव में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल कबि।
- फोटो : 1
सिद्धार्थनगर। हर घर में खुशियों का डेरा हर चेहरे पर मुस्कान रहे, दुनिया भर में सबसे आगे अपना हिन्दुस्तान रहे... शुक्रवार की शाम सिद्धार्थनगर महोत्सव के तीसरे दिन आयोजित स्थानीय कवि सम्मेलन में नियाज कपिलवस्तुवी की इन पंक्तियों पर श्रोताओं ने भरपूर तालियां बजाकर समर्थन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गंगेश मिश्र अनुरागी की सरस्वती वंदना से हुआ।
डाॅक्टर विनयकांत मिश्रा की पंक्तियां चंदा पूछे चांदनी से, काहे तू शर्मावे लू, सांवर सूरत देखके काहे नयना काहे झुकावे लू..., सुनकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। दिलीप द्विवेदी ने अपनी रचना- कौन कहता है किसी को सताती है वर्दी, सच तो यह है अपना फर्ज निभाती है वर्दी.., प्रस्तुत कर पुलिस कर्मियों के संघर्ष पूर्ण जीवन का सुंदर चित्रण किया। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि डाॅ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक ने अपनी बारी में आएगा तू परिंदे आखिर जमीन पर, है आसमां में देख लो कोई शजर नहीं..., पेश कर मानव जीवन के उतार-चढ़ाव का सटीक चित्रण प्रस्तुत किया। कवयित्री सलोनी उपाध्याय ने भूलकर रंज वो गम हम इबादत करें, हम धरोहर की अपनी हिफाजत करें जैसी पंक्तियों से राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश दिया।
सलमान आमिर की शृंगार रस से भरपूर गजल पर जमकर तालियां बजीं। वरिष्ठ कवि ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज ने जो वक्त रहते नहीं जागे हम, फिर से भारत गुलाम होगा..., प्रस्तुत कर लोगों को बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया। डाॅ. गोविंद ओझा प्रेम ने मां को समर्पित रचना से लोगों को मातृ-पितृ के प्रति लगाव का संदेश दिया। डॉ. सीमा मिश्रा के संचालन में संपन्न कार्यक्रम में पंकज सिद्धार्थ, अरुणेश विश्वकर्मा, डाॅ. शरदेंदु त्रिपाठी, राकेश साहनी आदि ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को विविध रसों में सराबोर कर दिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल सहित पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डाॅ. संध्या पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।
विज्ञापन
डाॅक्टर विनयकांत मिश्रा की पंक्तियां चंदा पूछे चांदनी से, काहे तू शर्मावे लू, सांवर सूरत देखके काहे नयना काहे झुकावे लू..., सुनकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। दिलीप द्विवेदी ने अपनी रचना- कौन कहता है किसी को सताती है वर्दी, सच तो यह है अपना फर्ज निभाती है वर्दी.., प्रस्तुत कर पुलिस कर्मियों के संघर्ष पूर्ण जीवन का सुंदर चित्रण किया। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि डाॅ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक ने अपनी बारी में आएगा तू परिंदे आखिर जमीन पर, है आसमां में देख लो कोई शजर नहीं..., पेश कर मानव जीवन के उतार-चढ़ाव का सटीक चित्रण प्रस्तुत किया। कवयित्री सलोनी उपाध्याय ने भूलकर रंज वो गम हम इबादत करें, हम धरोहर की अपनी हिफाजत करें जैसी पंक्तियों से राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश दिया।
विज्ञापन
सलमान आमिर की शृंगार रस से भरपूर गजल पर जमकर तालियां बजीं। वरिष्ठ कवि ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज ने जो वक्त रहते नहीं जागे हम, फिर से भारत गुलाम होगा..., प्रस्तुत कर लोगों को बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया। डाॅ. गोविंद ओझा प्रेम ने मां को समर्पित रचना से लोगों को मातृ-पितृ के प्रति लगाव का संदेश दिया। डॉ. सीमा मिश्रा के संचालन में संपन्न कार्यक्रम में पंकज सिद्धार्थ, अरुणेश विश्वकर्मा, डाॅ. शरदेंदु त्रिपाठी, राकेश साहनी आदि ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को विविध रसों में सराबोर कर दिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल सहित पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डाॅ. संध्या पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।