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Siddharthnagar News: होर्डिंग से पटे चौराहे व सड़कें, हादसे का मंडराता रहा खतरा

Wed, 28 Oct 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 28 Oct 2026 12:01 AM IST
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Siddharthnagar News: Intersections and roads plastered with hoardings; constant risk of accidents
शोहरतगढ़ से खुनुवा मार्ग पर लगे होर्डिंग बैनर। संवाद
- बिना अनुमति शोहरतगढ़ में लग रहे होर्डिंग, नगर पंचायत को राजस्व का नुकसान
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- सड़कों और चौराहों पर प्रचार सामग्री की भरमार, तेज हवा में गिरने से हादसे का खतरा
शोहरतगढ़। नगर पंचायत में बिना अनुमति होर्डिंग, बैनर और यूनिपोल लगाए जा रहे हैं। मुख्य चौराहे से चेतिया मार्ग, खुनुवा बाईपास, तहसील गेट और स्टेशन रोड तक प्रचार सामग्री की भरमार है। इससे जहां हादसे का खतरा बना हुआ है, वहीं नगर पंचायत को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। ईओ के अनुसार, किसी भी एजेंसी को होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।
त्योहारों के सीजन में दशहरा, दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा की बधाइयों वाले होर्डिंग और बैनर प्रमुख सड़कों, चौराहों, सरकारी कार्यालयों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास लगाए गए हैं। सड़क किनारे कमजोर खंभों और तारों पर लटक रही प्रचार सामग्री तेज हवा में गिरकर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकती है।
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नगर पंचायत को राजस्व का नुकसान
नगर पंचायत में प्रचार एजेंसियों से होर्डिंग और बैनर लगाने के बदले शुल्क वसूलने के लिए अब तक नियम नहीं बनाए गए हैं। न ही इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई है। इसके बावजूद प्रचार एजेंसियां नेताओं, दुकानदारों और व्यावसायिक संस्थानों के विज्ञापन लगाकर कमाई कर रही हैं। इससे नगर पंचायत को मिलने वाले संभावित राजस्व का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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कार्रवाई के बाद फिर लग जाते हैं होर्डिंग
जिले के नगर निकायों में समय-समय पर अभियान चलाकर होर्डिंग और बैनर हटाए जाते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद दोबारा प्रचार सामग्री लगा दी जाती है। चुनाव के दौरान भी अधिसूचना लागू होने पर होर्डिंग हटाए जाते हैं लेकिन बाद में चौराहे फिर बैनर और पोस्टर से पट जाते हैं। राकेश सिंह का कहना है कि प्रचार सामग्री लगाने के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए ताकि हादसों की आशंका कम हो सके।


अनुमति और शुल्क के हैं प्रावधान
- अधिकृत एजेंसी से शुल्क जमा कर एक सप्ताह से लेकर कई महीनों तक लगवा सकते हैं होर्डिंग
- लंबे समय तक प्रचार के लिए खुद अपनी जमीन पर वार्षिक टैक्स देकर अपनी साइट बना सकते हैं।।
- खुद की साइट के लिए लोकेशन के अनुसार 30 से 70 हजार रुपये तक वार्षिक शुल्क जमा करना होगा।
- अगल बगल लोकेशन व साइज के अनुसार अधिकृत एजेंसी भी शुल्क लेती है।

बोले जिम्मेदार
होर्डिंग और बैनर लगाने के लिए किसी एजेंसी को अनुमति नहीं दी गई है। इस संबंध में नियम बनाने और टेंडर की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और बैनर हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- अभिनव श्रीवास्तव, ईओ, नगर पंचायत
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