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Siddharthnagar News: अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में दी गई एआई की जानकारी
Fri, 10 Oct 2025 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:05 AM IST
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विश्वविद्यालय में आयोजित एआई कार्यक्रम में उपस्थित छात्र व शिक्षक। श्रोत विवि
- फोटो : नवोदय विद्यालय की टीम।
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में एआई के क्षेत्र में छात्रों को परिचित कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वहीं कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय में पीजी छात्रों के लिए सहभागिता भी आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. अभय कौशल ने बताया कि कैसे मशीन लर्निंग और डाटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकें उत्पाद डिजाइन, प्रोटोटाइप विकास और उत्पादन दक्षता को बेहतर बना रही हैं।
बताया कि छात्रों को कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय में उपलब्ध पीजी रिसर्च और एक्सचेंज प्रोग्राम्स की जानकारी दी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
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प्रो. प्रकृति राय ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज के युग की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक है जो उत्पाद विकास, औद्योगिक डिजाइन और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में नए अवसर उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि एआई न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया को तीव्र बना रही है बल्कि यह सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में भी अहम भूमिका निभा रही है। डॉ. लक्ष्मण सिंह ने विषय परिचय प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का समय पारंपरिक विज्ञान और उन्नत तकनीक के समागम का है।
इस दौरान डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, प्रो. सुनील श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. आजाद के साथ बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. अभय कौशल ने बताया कि कैसे मशीन लर्निंग और डाटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकें उत्पाद डिजाइन, प्रोटोटाइप विकास और उत्पादन दक्षता को बेहतर बना रही हैं।
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बताया कि छात्रों को कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय में उपलब्ध पीजी रिसर्च और एक्सचेंज प्रोग्राम्स की जानकारी दी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
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प्रो. प्रकृति राय ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज के युग की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक है जो उत्पाद विकास, औद्योगिक डिजाइन और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में नए अवसर उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि एआई न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया को तीव्र बना रही है बल्कि यह सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में भी अहम भूमिका निभा रही है। डॉ. लक्ष्मण सिंह ने विषय परिचय प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का समय पारंपरिक विज्ञान और उन्नत तकनीक के समागम का है।
इस दौरान डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, प्रो. सुनील श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. आजाद के साथ बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।