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Siddharthnagar News: जीएसटी के बदलाव कागजों में पुराने रेट पर ही मिल रहे सामान
Tue, 30 Sep 2025 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 30 Sep 2025 11:41 PM IST
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शहर में रोजमर्रा के सामान उपभोक्ताओ को पुराने रेट र ही मिल रहे। संवाद
सिद्धार्थनगर। जीएसटी की नई दर लागू कर दी गई हैं लेकिन दुकानदार अब भी पुराने रेट पर ही सामान दे रहे हैं। ग्राहकों के बताने पर वह निर्देश न आने का हवाला दे रहे हैं।
इससे ग्राहक प्रत्येक सामान पर कीमत से अधिक दर दे रहे हैं। ऐसे में लोगों को जीएसटी की दरें कम होने का फायदा नहीं मिल पा रहा है। विभाग भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। ऐसे में लोगों को हर्जाना भुगतना पड़ रहा है।
जीएसटी की नई दर 22 सितंबर को लागू कर दी है। दैनिक प्रयोग में आने वाले सामान के साथ टेक्सटाइल के उत्पादों में काफी छूट मिली है। बाजार में पहले से प्रिंट किए रेट के आधार पर ही अधिकतर सामान दिया जा रहा है। दुकानदार बिल लेने पर जीएसटी की नई दर लगाते हैं। नहीं तो उसी रेट पर सामान देते हैं। दुकानदार अपने हिसाब से रेट तय कर रहे हैं और मोल-भाव कर लोगों को कपड़े दे रहे हैं। इसी तरह गारमेंट के कपड़ों पर है। पनीर समेत विभिन्न खाद्य सामग्री पर टैक्स शून्य कर दिया है।
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इससे ग्राहक प्रत्येक सामान पर कीमत से अधिक दर दे रहे हैं। ऐसे में लोगों को जीएसटी की दरें कम होने का फायदा नहीं मिल पा रहा है। विभाग भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। ऐसे में लोगों को हर्जाना भुगतना पड़ रहा है।
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जीएसटी की नई दर 22 सितंबर को लागू कर दी है। दैनिक प्रयोग में आने वाले सामान के साथ टेक्सटाइल के उत्पादों में काफी छूट मिली है। बाजार में पहले से प्रिंट किए रेट के आधार पर ही अधिकतर सामान दिया जा रहा है। दुकानदार बिल लेने पर जीएसटी की नई दर लगाते हैं। नहीं तो उसी रेट पर सामान देते हैं। दुकानदार अपने हिसाब से रेट तय कर रहे हैं और मोल-भाव कर लोगों को कपड़े दे रहे हैं। इसी तरह गारमेंट के कपड़ों पर है। पनीर समेत विभिन्न खाद्य सामग्री पर टैक्स शून्य कर दिया है।
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