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Siddharthnagar News: बढ़ती सीमा पर बार-बार ब्रेकडाउन, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चुनौती
Thu, 31 Jul 2025 10:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 31 Jul 2025 10:56 PM IST
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बढ़नी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी सीमावर्ती इलाकों में हाईटेंशन लाइन बार-बार ब्रेक डाउन होने से मुसीबत बढ़ गई है। सीमा पर बार-बार ब्रेकडाउन होने से सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई है। यह समस्या मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में है, जहां हाईटेंशन लाइनें घने पेड़ों और झाड़ियों के बीच से होकर गुजरती हैं।
तेज हवा, बारिश या प्राकृतिक घटनाओं के चलते जब पेड़ की शाखाएं इन तारों से टकराती हैं तो आपूर्ति बाधित हो जा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में अंधेरा छा जाता है। एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर तस्करी और अवैध आवाजाही की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। सीमाई क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ता है।
सीमा पर बार-बार बिजली कटौती से न केवल आम नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि सीमा की निगरानी में लगे सुरक्षा बलों को भी भारी चुनौती का सामना करना पड़ता है। सोमवार भोर में ब्रेक डाउन होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजलीकर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10 घंटे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं, मंगलवार रात दो बजे ब्रेक डाउन होने से सीमाई क्षेत्र अंधेरे में रहा कर्मचारियों की ओर से पेड़ के टहनियों को काट कर सुबह 9:30 बजे बिजली आपूर्ति शुरू की जा सकी।
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नगर के सागर गुप्ता, नितेश रौनियार, अर्जुन यादव, विष्णु अग्रहरि आदि लोगों ने मांग की कि या तो इन पेड़ों की उचित छंटाई की जाए या फिर हाईटेंशन लाइन को वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग से गुजारा जाए। जब तक हाईटेंशन तारों की सही ढंग से मरम्मत और स्थानांतरण नहीं किया जाता। तब तक भारत-नेपाल सीमा सहित नगर में अंधकार की यह समस्या सुरक्षा व्यवस्था व उपभोक्ताओं के लिए एक गंभीर चुनौती बनी रहेगी।
इस संबंध में बिजली निगम के अवर अभियंता लालू यादव ने बताया कि बरसात से अक्सर 33/11 लाइन में ब्रेक डाउन हो जाता है। इसलिए बिजली बाधित हो जाती है। इसका जल्द ही स्थाई समाधान किया जाएगा।
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तेज हवा, बारिश या प्राकृतिक घटनाओं के चलते जब पेड़ की शाखाएं इन तारों से टकराती हैं तो आपूर्ति बाधित हो जा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में अंधेरा छा जाता है। एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर तस्करी और अवैध आवाजाही की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। सीमाई क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ता है।
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सीमा पर बार-बार बिजली कटौती से न केवल आम नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि सीमा की निगरानी में लगे सुरक्षा बलों को भी भारी चुनौती का सामना करना पड़ता है। सोमवार भोर में ब्रेक डाउन होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजलीकर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10 घंटे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं, मंगलवार रात दो बजे ब्रेक डाउन होने से सीमाई क्षेत्र अंधेरे में रहा कर्मचारियों की ओर से पेड़ के टहनियों को काट कर सुबह 9:30 बजे बिजली आपूर्ति शुरू की जा सकी।
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नगर के सागर गुप्ता, नितेश रौनियार, अर्जुन यादव, विष्णु अग्रहरि आदि लोगों ने मांग की कि या तो इन पेड़ों की उचित छंटाई की जाए या फिर हाईटेंशन लाइन को वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग से गुजारा जाए। जब तक हाईटेंशन तारों की सही ढंग से मरम्मत और स्थानांतरण नहीं किया जाता। तब तक भारत-नेपाल सीमा सहित नगर में अंधकार की यह समस्या सुरक्षा व्यवस्था व उपभोक्ताओं के लिए एक गंभीर चुनौती बनी रहेगी।
इस संबंध में बिजली निगम के अवर अभियंता लालू यादव ने बताया कि बरसात से अक्सर 33/11 लाइन में ब्रेक डाउन हो जाता है। इसलिए बिजली बाधित हो जाती है। इसका जल्द ही स्थाई समाधान किया जाएगा।