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Siddharthnagar News: नेपाल में चोरी कर भारत में खपाते थे माल, दो भारतीयों समेत चार गिरफ्तार
Thu, 20 Aug 2026 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:23 PM IST
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- दांग में चोरी का 49 तोला सोना, 52 तोला चांदी और नकदी उड़ाई थी, दो आरोपी भाग निकले
बढ़नी। नेपाल-भारत सीमा के दोनों ओर सक्रिय चोरी के संगठित गिरोह का नेपाल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। लुंबिनी प्रदेश पुलिस ने दांग जिले में हुई बड़ी चोरी की घटना की जांच के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह चोरी के आभूषणों को सीमा पार भारत ले जाकर खपाने का काम करता था। मामले में दो अन्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार दांग के राप्ती गांवपालिका-5, सिसहनिया में चोरी की वारदात में 49 तोला एक आना सोना, 52 तोला चांदी के आभूषण और एक लाख 50 हजार नेपाली रुपये चोरी हुए थे। घटना की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसके अलावा तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में समन्वय कर आरोपियों तक पहुंचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में कपिलवस्तु निवासी मोहम्मद आजम और ओवेस बेग और भारत निवासी इरशाद खान और मोहम्मद साजिद शामिल हैं। पुलिस जांच में अरमान खान और इरशाद अहमद को घटना की साजिश और वारदात में प्रत्यक्ष रूप से शामिल बताया गया है। दोनों फरार हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार उनके मुंबई में होने की जानकारी मिली है।
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नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को दांग जिला अदालत में पेश किया। अदालत से चोरी संबंधी कसूर में रिमांड की अनुमति मिलने के बाद उनसे पूछताछ और मामले की आगे की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी के माल की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
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अलग-अलग थी गिरोह के सदस्यों की भूमिका
- जांच के अनुसार मोहम्मद आजम वारदात का योजनाकार और मोटरसाइकिल चालक था। ओवेस बेग चोरी के आभूषणों को भारत पहुंचाने का काम करता था। इरशाद खान वारदात में सीधे शामिल होने के साथ आरोपियों को भागने में मदद करने और चोरी की संपत्ति के प्रबंधन में सहयोग करता था। वहीं, मोहम्मद साजिद पर चोरी के आभूषण खरीदने, उन्हें गलाने और बेचने में शामिल होने का आरोप है। इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह चोरी के माल को सीमा पार पहुंचाकर उसका स्वरूप बदलने और बाजार में खपाने का नेटवर्क चला रहा था।
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बढ़नी। नेपाल-भारत सीमा के दोनों ओर सक्रिय चोरी के संगठित गिरोह का नेपाल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। लुंबिनी प्रदेश पुलिस ने दांग जिले में हुई बड़ी चोरी की घटना की जांच के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह चोरी के आभूषणों को सीमा पार भारत ले जाकर खपाने का काम करता था। मामले में दो अन्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार दांग के राप्ती गांवपालिका-5, सिसहनिया में चोरी की वारदात में 49 तोला एक आना सोना, 52 तोला चांदी के आभूषण और एक लाख 50 हजार नेपाली रुपये चोरी हुए थे। घटना की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसके अलावा तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में समन्वय कर आरोपियों तक पहुंचा गया।
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गिरफ्तार आरोपियों में कपिलवस्तु निवासी मोहम्मद आजम और ओवेस बेग और भारत निवासी इरशाद खान और मोहम्मद साजिद शामिल हैं। पुलिस जांच में अरमान खान और इरशाद अहमद को घटना की साजिश और वारदात में प्रत्यक्ष रूप से शामिल बताया गया है। दोनों फरार हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार उनके मुंबई में होने की जानकारी मिली है।
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नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को दांग जिला अदालत में पेश किया। अदालत से चोरी संबंधी कसूर में रिमांड की अनुमति मिलने के बाद उनसे पूछताछ और मामले की आगे की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी के माल की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
अलग-अलग थी गिरोह के सदस्यों की भूमिका
- जांच के अनुसार मोहम्मद आजम वारदात का योजनाकार और मोटरसाइकिल चालक था। ओवेस बेग चोरी के आभूषणों को भारत पहुंचाने का काम करता था। इरशाद खान वारदात में सीधे शामिल होने के साथ आरोपियों को भागने में मदद करने और चोरी की संपत्ति के प्रबंधन में सहयोग करता था। वहीं, मोहम्मद साजिद पर चोरी के आभूषण खरीदने, उन्हें गलाने और बेचने में शामिल होने का आरोप है। इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह चोरी के माल को सीमा पार पहुंचाकर उसका स्वरूप बदलने और बाजार में खपाने का नेटवर्क चला रहा था।