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Siddharthnagar News: फरवरी की ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान
Mon, 02 Feb 2026 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:28 AM IST
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खेत में लहराती हुई काला नमक धान की फसल। फाइल फोटो
- फसल के अच्छी पैदावार की किसानों में जगी उम्मीद
सिद्धार्थनगर। पूरे जनवरी माह और फरवरी के शुरुआत में लगातार पड़ रही ठंड क्षेत्र के किसानों के लिए राहत लेकर आई है। फरवरी में पड़ने वाली यह ठंड गेहूं की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। वर्तमान समय में गेहूं की फसल टिलरिंग (कल्ले) की अवस्था में है और ठंड के कारण फसल में खूब कल्ले निकले रहे हैं और हरियाली भी देखने को मिल रही है।
नौगढ़ क्षेत्र के धेंसा नानकार के किसान लौटू यादव ने बताया कि इस बार गेहूं की फसल घनी और स्वस्थ नजर आ रही है। वहीं, जगदीशपुर राजा के किसान संतू प्रसाद चौधरी का कहना है कि ठंड के कारण कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया है, जिससे फसल सुरक्षित बनी हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मारकंडेय सिंह ने कहा यदि मौसम इसी प्रकार अनुकूल बना रहा तो इस बार गेहूं की पैदावार बेहतर रहने की पूरी संभावना है। किसानों का कहना है कि दिसंबर की ठंड से फसल की शुरुआती पैदावार अच्छी हुई जबकि जनवरी और फरवरी की ठंड ने फुटाव को और बेहतर बना दिया है। उन्होंने कहा कि जनवरी और फरवरी की ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होती है। ठंड से फसल में फुटाव अच्छा होता है और कीट व रोगों का प्रकोप भी कम रहता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि पाले की आशंका होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करें और खेतों में जलभराव की स्थिति से बचें।
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सिद्धार्थनगर। पूरे जनवरी माह और फरवरी के शुरुआत में लगातार पड़ रही ठंड क्षेत्र के किसानों के लिए राहत लेकर आई है। फरवरी में पड़ने वाली यह ठंड गेहूं की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। वर्तमान समय में गेहूं की फसल टिलरिंग (कल्ले) की अवस्था में है और ठंड के कारण फसल में खूब कल्ले निकले रहे हैं और हरियाली भी देखने को मिल रही है।
नौगढ़ क्षेत्र के धेंसा नानकार के किसान लौटू यादव ने बताया कि इस बार गेहूं की फसल घनी और स्वस्थ नजर आ रही है। वहीं, जगदीशपुर राजा के किसान संतू प्रसाद चौधरी का कहना है कि ठंड के कारण कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया है, जिससे फसल सुरक्षित बनी हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मारकंडेय सिंह ने कहा यदि मौसम इसी प्रकार अनुकूल बना रहा तो इस बार गेहूं की पैदावार बेहतर रहने की पूरी संभावना है। किसानों का कहना है कि दिसंबर की ठंड से फसल की शुरुआती पैदावार अच्छी हुई जबकि जनवरी और फरवरी की ठंड ने फुटाव को और बेहतर बना दिया है। उन्होंने कहा कि जनवरी और फरवरी की ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होती है। ठंड से फसल में फुटाव अच्छा होता है और कीट व रोगों का प्रकोप भी कम रहता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि पाले की आशंका होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करें और खेतों में जलभराव की स्थिति से बचें।
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