{"_id":"68e942afab8ca1d75c03de82","slug":"siddharthnagar-news-due-to-lack-of-budget-free-ultrasound-facility-for-pregnant-women-has-stopped-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-146238-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: बजट के अभाव में गर्भवतियों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: बजट के अभाव में गर्भवतियों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप
Fri, 10 Oct 2025 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:00 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जिले की गर्भवतियों को निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सीएमओ कार्यालय के अनुसार तीन माह से नौ माह की 53,763 गर्भवतियां हैं, जिनकी डिलीवरी होने वाली है।
तीन माह से इनके अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई वाउचर जारी नहीं किया गया है। इससे सभी महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज सहित दो सीएचसी पर निर्भर हैं। वहां नहीं पहुंच पाने वाले महिलाओं को 600 से एक हजार रुपये खर्च कर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
शहर के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और खेसरहा और मिठवल ब्लॉक में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। निजी अस्पतालों में फ्री जांच न होने से इन महिलाओं के पास सरकारी अस्पताल ही विकल्प हैं। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को 425 रुपये का वाउचर जारी करता रहा है। इससे जिले के सभी 14 ब्लॉकों में गर्भवतियां अपने नजदीकी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर जांच करा लेती थीं, लेकिन लगभग दो महीने से एनएचएम का बजट स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला। इसके कारण निजी केंद्रों को वाउचर जारी नहीं हो रहे हैं। इससे उन्हें मेडिकल कॉलेज व दो सीएचसी पर ही जाना पड़ रहा हैं। निजी अल्ट्रासाउंड का शुल्क 600 से लेकर 1000 रुपये हैं। इस कारण गरीब और जरूरतमंद महिलाएं सरकारी सेवाओं पर ही निर्भर हैं जबकि महिलाओं को सुविधा देने के लिए जिले में लगभग 68 निजी अल्ट्रासाउंड भी पंजीकृत हैं, लेकिन वाउचर की सुविधा नहीं होने से लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ्
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन माह से इनके अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई वाउचर जारी नहीं किया गया है। इससे सभी महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज सहित दो सीएचसी पर निर्भर हैं। वहां नहीं पहुंच पाने वाले महिलाओं को 600 से एक हजार रुपये खर्च कर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन
शहर के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और खेसरहा और मिठवल ब्लॉक में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। निजी अस्पतालों में फ्री जांच न होने से इन महिलाओं के पास सरकारी अस्पताल ही विकल्प हैं। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को 425 रुपये का वाउचर जारी करता रहा है। इससे जिले के सभी 14 ब्लॉकों में गर्भवतियां अपने नजदीकी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर जांच करा लेती थीं, लेकिन लगभग दो महीने से एनएचएम का बजट स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला। इसके कारण निजी केंद्रों को वाउचर जारी नहीं हो रहे हैं। इससे उन्हें मेडिकल कॉलेज व दो सीएचसी पर ही जाना पड़ रहा हैं। निजी अल्ट्रासाउंड का शुल्क 600 से लेकर 1000 रुपये हैं। इस कारण गरीब और जरूरतमंद महिलाएं सरकारी सेवाओं पर ही निर्भर हैं जबकि महिलाओं को सुविधा देने के लिए जिले में लगभग 68 निजी अल्ट्रासाउंड भी पंजीकृत हैं, लेकिन वाउचर की सुविधा नहीं होने से लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ्
विज्ञापन