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Siddharthnagar News: ताबूत देख भर आईं अकीदतमंदों की आंखें
Mon, 10 Aug 2026 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:52 PM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के हललौर मे निकाले गए 72 ताबूत के जुलूस मे शामिल अकीदतमंद। संवाद
सिद्धार्थनगर। हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी से सोमवार की शाम को हजरत इमाम हुसैन व कर्बला के 72 शहीदों की याद में अलम-ताबूत और जुलजनाह का मातमी जुलूस निकाला गया। इसमें शामिल अकीदतमंदों ने नौहां-मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत (श्रद्धासुमन) पेश की। हर तरफ सलाम कर्बला वालों, बहत्तर ऐ खुदा वालों की सदाएं बुलंद होती रही।
कार्यक्रम की शुरुआत महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत करके की। इसके बाद मरसिया-मजलिस आयोजित की गई। मरसिया शाहिद आलम और उनके सहयोगी ने पढ़ी। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर कर्बलाई ने कर्बला के सभी शहीदों का फजायल और मसायब विस्तार से बयान किया। मजलिस के आखिर में हजरत इमाम हुसैन की शहादत का मंजर बयान किया। इसको सुनकर सभी अकीदतमंद हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदा बुलंद कर रो पड़े। मरसिया मजलिस के बाद 72 ताबूत का जुलूस नौहा-मातम के साथ दरगाह हजरत अब्बास और जन्नतुलबकी होते हुए कर्बला पर पहुंचा, जहां पर अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों की शहादत पर आधारित दर्दनाक नौहे पढ़कर मातम किया। कर्बला पर नौहा-मातम के बाद सभी ताबूत वापस इमामिया मकतब में लाकर रख दिया गया, जहां पर महिला श्रद्धालुओं ने सारी रात मरसिया मजलिस और नौहा-मातम किया। जुलूस में हल्लौर कस्बे के अलावा तिलगड़िया, टड़वा, हटवा, जमौतिया, वासा, नौवा गांव, रामभारी, उतरौला, बस्ती, गोरखपुर, फैजाबाद, आजमगढ़ आदि स्थानों से भी बड़ी तादाद में हुसैनी अकीदतमंदों ने शिरकत की।
इस दौरान मौलाना महफूज, अली अब्बास, तसबीब हसन, मुख्तार अहमद, जलाल, हानी, जांनशीन अहमद आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत करके की। इसके बाद मरसिया-मजलिस आयोजित की गई। मरसिया शाहिद आलम और उनके सहयोगी ने पढ़ी। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर कर्बलाई ने कर्बला के सभी शहीदों का फजायल और मसायब विस्तार से बयान किया। मजलिस के आखिर में हजरत इमाम हुसैन की शहादत का मंजर बयान किया। इसको सुनकर सभी अकीदतमंद हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदा बुलंद कर रो पड़े। मरसिया मजलिस के बाद 72 ताबूत का जुलूस नौहा-मातम के साथ दरगाह हजरत अब्बास और जन्नतुलबकी होते हुए कर्बला पर पहुंचा, जहां पर अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों की शहादत पर आधारित दर्दनाक नौहे पढ़कर मातम किया। कर्बला पर नौहा-मातम के बाद सभी ताबूत वापस इमामिया मकतब में लाकर रख दिया गया, जहां पर महिला श्रद्धालुओं ने सारी रात मरसिया मजलिस और नौहा-मातम किया। जुलूस में हल्लौर कस्बे के अलावा तिलगड़िया, टड़वा, हटवा, जमौतिया, वासा, नौवा गांव, रामभारी, उतरौला, बस्ती, गोरखपुर, फैजाबाद, आजमगढ़ आदि स्थानों से भी बड़ी तादाद में हुसैनी अकीदतमंदों ने शिरकत की।
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इस दौरान मौलाना महफूज, अली अब्बास, तसबीब हसन, मुख्तार अहमद, जलाल, हानी, जांनशीन अहमद आदि मौजूद रहे।