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Siddharthnagar News: पराली जली तो सीज होगा कंबाइन, मालिक के खर्च पर लगेगा यंत्र

Mon, 05 Oct 2026 11:14 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:14 PM IST
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Siddharthnagar News: Combine harvester to be seized if stubble is burned; equipment to be installed at owner's expense
बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के कंबाइन चलाने पर होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
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कंबाइन मालिक के खर्च पर लगेगा स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम
सिद्धार्थनगर। फसल अवशेष यानी पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई बैठक में फसल कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन को लेकर निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के कंबाइन चलता मिला तो उसे तत्काल सीज कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान प्रत्येक कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर, स्ट्रा रेक एवं बेलर या अन्य उपयुक्त फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र लगाना अनिवार्य होगा। कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन व्यवस्थाओं के बिना किसी कंबाइन से फसल कटाई न होने पाए।
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डीएम ने कहा कि बिना निर्धारित फसल अवशेष प्रबंधन व्यवस्था के कंबाइन चलता मिलने पर उसे सीज कर दिया जाएगा। कंबाइन मालिक के खर्च पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा निर्धारित यंत्र लगवाने के बाद ही वाहन छोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेषों को जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना है।
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बैठक में उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय, सीबीजी प्लांट के प्रतिनिधि, कंबाइन धारक, ग्राम प्रधान समेत अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
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पराली जलाने पर लगेगी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
बैठक में किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुसार फसल अवशेष जलाना दंडनीय है। भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने का प्रावधान है।

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ये लगेगा जुर्माना
दो एकड़ से कम : प्रति घटना पांच हजार रुपये।
दो से पांच एकड़ : प्रति घटना 10 हजार रुपये।
पांच एकड़ से अधिक : प्रति घटना 30 हजार रुपये।
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कस्टम हायरिंग सेंटर से उठवाएं पराली
प्रशासन ने किसानों से फसल कटाई के बाद पराली नहीं जलाने की अपील की है। बताया गया कि जिले में संचालित कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से फसल अवशेष एकत्र कराए जा सकते हैं। इनसे जैविक खाद तैयार की जा सकती है। इसके अलावा किसान फसल अवशेष धुरियापार, गोरखपुर स्थित सीबीजी प्लांट को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकते हैं।
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