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Siddharthnagar News: हाहाकार के बीच हथिया ली 50 बोरी तक खाद, होगी जांच
Wed, 20 Aug 2025 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:31 AM IST
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सिद्धार्थनगर। कालाबाजारी में अब विक्रेताओं के साथ किसान भी जद में आ गए हैं। जिला कृषि अधिकारी की रिपोर्ट पर जून और जुलाई माह में अधिक मात्रा में खाद खरीदने वाले 99 किसानों की जांच होगी। इन किसानों ने विक्रेताओं से 30 से 50 बोरी खाद खरीदी है, जबकि क्रय केंद्रों पर एक-दो बोरी खाद के लिए मारामारी मची हुई है।
डीएम डॉ. राजागणपति आर ने सभी तहसीलों के एसडीएम को इन किसानों की सूची भेजकर उनके पास उपलब्ध खेती के रकबा की जानकारी मांगी है। साथ ही विक्रेताओं से सांठगांठ कर खाद की कालाबाजारी में उनकी संलिप्तता समेत अन्य तथ्यों से संबंधित रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।
वर्तमान में जिले में यूरिया के लिए मारामारी मची हुई है। किसान एक-एक बोरी खाद पाने के लिए पूरे दिन जद्दोजहद करते दिख रहे हैं। वहीं कुछ किसानों ने बीते जून और जुलाई माह में ही बड़ी मात्रा में खाद की खरीदारी की है। इससे कालाबाजारी में उर्वरक विक्रेताओं के साथ ही इन किसानों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
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जिला कृषि अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार माह जून 2025 में 24 किसानों ने 32 से लेकर 50 बोरी तक खाद की खरीदारी की है। वहीं माह जुलाई 2025 में अधिक मात्रा में खाद खरीदने वाले किसानों की सूची में 75 नाम शामिल है। इनमें जिले के नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा व डुमरियागंज तहसीलों के सभी 14 ब्लॉकों के किसान शामिल है।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि जिला कृषि अधिकारी की ओर से यह बताया गया है कि कई किसानों की ओर से उनके पास उपलब्ध कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष अत्यधिक मात्रा में उर्वरक की खरीद की गई है।
उक्त उर्वरक की खरीद के विषय में यह अवगत कराया गया है कि ऐसे किसानों की ओर से अपने लाभ के लिए उर्वरक विक्रेताओं से सांठगांठ करके उर्वरक की खरीद की गई है जो एक प्रकार से उर्वरक की कालाबाजारी की श्रेणी में आता है।
जिला कृषि अधिकारी की ओर से संबंधित तहसील के उर्वरक खरीदने वाले ऐसे किसानों की सूची संलग्न कर भेजी जा रही है, जिसका संज्ञान लेते हुए संबंधित किसानों की ओर से क्रय किए गए उर्वरक के विषय में आपकी स्पष्ट रिपोर्ट चाहिए।
इसमें किसानों की ओर से उर्वरक की खरीद में विक्रेताओं से सांठगांठ और कालाबाजारी के तथ्य में आवश्यक जांच करने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए अपने सुस्पष्ट मंतव्य के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
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डीएम डॉ. राजागणपति आर ने सभी तहसीलों के एसडीएम को इन किसानों की सूची भेजकर उनके पास उपलब्ध खेती के रकबा की जानकारी मांगी है। साथ ही विक्रेताओं से सांठगांठ कर खाद की कालाबाजारी में उनकी संलिप्तता समेत अन्य तथ्यों से संबंधित रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।
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वर्तमान में जिले में यूरिया के लिए मारामारी मची हुई है। किसान एक-एक बोरी खाद पाने के लिए पूरे दिन जद्दोजहद करते दिख रहे हैं। वहीं कुछ किसानों ने बीते जून और जुलाई माह में ही बड़ी मात्रा में खाद की खरीदारी की है। इससे कालाबाजारी में उर्वरक विक्रेताओं के साथ ही इन किसानों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
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जिला कृषि अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार माह जून 2025 में 24 किसानों ने 32 से लेकर 50 बोरी तक खाद की खरीदारी की है। वहीं माह जुलाई 2025 में अधिक मात्रा में खाद खरीदने वाले किसानों की सूची में 75 नाम शामिल है। इनमें जिले के नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा व डुमरियागंज तहसीलों के सभी 14 ब्लॉकों के किसान शामिल है।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि जिला कृषि अधिकारी की ओर से यह बताया गया है कि कई किसानों की ओर से उनके पास उपलब्ध कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष अत्यधिक मात्रा में उर्वरक की खरीद की गई है।
उक्त उर्वरक की खरीद के विषय में यह अवगत कराया गया है कि ऐसे किसानों की ओर से अपने लाभ के लिए उर्वरक विक्रेताओं से सांठगांठ करके उर्वरक की खरीद की गई है जो एक प्रकार से उर्वरक की कालाबाजारी की श्रेणी में आता है।
जिला कृषि अधिकारी की ओर से संबंधित तहसील के उर्वरक खरीदने वाले ऐसे किसानों की सूची संलग्न कर भेजी जा रही है, जिसका संज्ञान लेते हुए संबंधित किसानों की ओर से क्रय किए गए उर्वरक के विषय में आपकी स्पष्ट रिपोर्ट चाहिए।
इसमें किसानों की ओर से उर्वरक की खरीद में विक्रेताओं से सांठगांठ और कालाबाजारी के तथ्य में आवश्यक जांच करने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए अपने सुस्पष्ट मंतव्य के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।