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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय अन्य विश्वविद्यालयों की अपेक्षा अग्रणी : उच्च शिक्षा मंत्री
Thu, 20 Jul 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:11 AM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी का स्वागत करते कुलपति प्रो हरि
सिद्धार्थनगर। शासन की स्पष्ट मंशा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का शीघ्र समाधान किया जाए। इसी संदर्भ में यह बैठक की गई है। ये बातें सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शिक्षा मंथन एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सेमेस्टर प्रणाली है। हर सेमेस्टर के उपरांत परीक्षाएं होती हैं। परीक्षाओं से थोड़ी समस्या जरूर बढ़ीं, हैं लेकिन परीक्षाएं विद्यार्थी के जीवन को तराशने का सबसे अच्छा विकल्प है। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अन्य विश्वविद्यालयों की अपेक्षा अग्रणी भूमिका में है। यहां पाठ्यक्रम निर्माण समय से तथा कक्षाएं नियमित संचालित हो रही हैं। परीक्षाएं तथा परिणाम में भी अग्रणी है। इसके लिए कुलपति की सकारात्मक एवं सार्थक सोच सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण उद्देश्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसलिए शिक्षण संस्थाएं गंभीरता के साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को लागू करें और विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अध्ययन के साथ-साथ उन्हें कौशल विकास के रूप में प्रशिक्षित करें। 22 जुलाई को 30 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे तथा 15 अगस्त को 5 करोड़ पौधे रोपित करने की योजना है। शिक्षण संस्थाएं विद्यार्थियों, अभिभावकों के माध्यम से अभियान में अपना योगदान दें। कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन चुनौती है, लेकिन दृढ इच्छा शक्ति से उसे सफल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के सफलता के लिए टीम भावना का होना बहुत जरूरी है इसलिए शिक्षण संस्था में शिक्षक प्राचार्य विद्यार्थी और अभिभावक का अत्यधिक भूमिका है। कुलपति ने कहा कि शासन राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रथम बैच पूरा हाेने पर समीक्षा करें। इन वर्षों में जो भी कठिनाइयां आई हैं उनमें सुधार किया जाए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर अश्वनी कुमार मिश्रा, कुलसचिव डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, प्रो. सौरभ, प्रो. हरीश कुमार शर्मा, प्रो. अरविंद कुमार सिंह, प्रो. बृजेश कुमार त्रिपाठी, प्रो. अभय कुमार श्रीवास्तव, प्रो. रीना श्रीवास्तव सहित संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं से उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को अवगत कराया।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सेमेस्टर प्रणाली है। हर सेमेस्टर के उपरांत परीक्षाएं होती हैं। परीक्षाओं से थोड़ी समस्या जरूर बढ़ीं, हैं लेकिन परीक्षाएं विद्यार्थी के जीवन को तराशने का सबसे अच्छा विकल्प है। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अन्य विश्वविद्यालयों की अपेक्षा अग्रणी भूमिका में है। यहां पाठ्यक्रम निर्माण समय से तथा कक्षाएं नियमित संचालित हो रही हैं। परीक्षाएं तथा परिणाम में भी अग्रणी है। इसके लिए कुलपति की सकारात्मक एवं सार्थक सोच सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण उद्देश्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसलिए शिक्षण संस्थाएं गंभीरता के साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को लागू करें और विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अध्ययन के साथ-साथ उन्हें कौशल विकास के रूप में प्रशिक्षित करें। 22 जुलाई को 30 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे तथा 15 अगस्त को 5 करोड़ पौधे रोपित करने की योजना है। शिक्षण संस्थाएं विद्यार्थियों, अभिभावकों के माध्यम से अभियान में अपना योगदान दें। कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन चुनौती है, लेकिन दृढ इच्छा शक्ति से उसे सफल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के सफलता के लिए टीम भावना का होना बहुत जरूरी है इसलिए शिक्षण संस्था में शिक्षक प्राचार्य विद्यार्थी और अभिभावक का अत्यधिक भूमिका है। कुलपति ने कहा कि शासन राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रथम बैच पूरा हाेने पर समीक्षा करें। इन वर्षों में जो भी कठिनाइयां आई हैं उनमें सुधार किया जाए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर अश्वनी कुमार मिश्रा, कुलसचिव डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, प्रो. सौरभ, प्रो. हरीश कुमार शर्मा, प्रो. अरविंद कुमार सिंह, प्रो. बृजेश कुमार त्रिपाठी, प्रो. अभय कुमार श्रीवास्तव, प्रो. रीना श्रीवास्तव सहित संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं से उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को अवगत कराया।
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