{"_id":"583c637a4f1c1b051cde53cf","slug":"shops-were-open-protests-and-demonstrations","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुली रहीं दुकानें, विरोध और प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुली रहीं दुकानें, विरोध और प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर नोट बंदी को लेकर प्रर्दशन करते सपा विधायक विजय पासवान और कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। नोटबंदी के विरोध में विपक्ष के भारत बंद का यहां कोई खास असर नहीं दिखा। छिटपुट दुकानों को छोड़कर सभी बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। सपा, कांग्रेस ने अलग-अलग जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में धरना दिया और नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि नोटबंदी को बिना किसी तैयारी के लागू किया गया है, जिससे सिर्फ आम जन को परेशानी हो रही है। सरकार इसे शीघ्र वापस ले। सपा जिला कार्यालय से शुरू हुआ जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा।
जुलूस में शामिल कार्यकर्ता केंद्र सरकार व नोटबंदी के खिलाफ नारे लगाते रहे। पार्टी नेताओं का कहना था कि काला धन पर अंकुश लगाने का हवाला देकर पीएम मोदी ने नोटबंदी की है, मगर इसके क्रियान्वयन के लिए बेहतर तैयारी न होने से पूरे देश की जनता परेशान है। रबी की बुवाई का समय बीतता जा रहा है और किसान के पास खाद-बीज के लिए पैसा नहीं है। शादी-विवाह वाले घरों में लोग नकदी के लिए भटक रहे हैं। कहा कि काला धन का नारा सिर्फ दिखावा है, असल में केंद्र सरकार इसके माध्यम से अपने चहेतों की ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने में जुटी है।
सरकार इस फैसले को शीघ्र वापस नहीं लेती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, विधायक मलिक कमाल यूसुफ, विजय पासवान, अफसर रिजवी, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, प्रदीप पथरकट्ट, राज्य महिला आयोग की सदस्य जुबैदा चौधरी, खुर्शीद अहमद, सोनू यादव, अब्दुल कलाम, जोखन चौधरी, अबू बकर, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष आशीष अग्रहरि और सत्यानंद सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जुलूस में शामिल कार्यकर्ता केंद्र सरकार व नोटबंदी के खिलाफ नारे लगाते रहे। पार्टी नेताओं का कहना था कि काला धन पर अंकुश लगाने का हवाला देकर पीएम मोदी ने नोटबंदी की है, मगर इसके क्रियान्वयन के लिए बेहतर तैयारी न होने से पूरे देश की जनता परेशान है। रबी की बुवाई का समय बीतता जा रहा है और किसान के पास खाद-बीज के लिए पैसा नहीं है। शादी-विवाह वाले घरों में लोग नकदी के लिए भटक रहे हैं। कहा कि काला धन का नारा सिर्फ दिखावा है, असल में केंद्र सरकार इसके माध्यम से अपने चहेतों की ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने में जुटी है।
विज्ञापन
सरकार इस फैसले को शीघ्र वापस नहीं लेती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, विधायक मलिक कमाल यूसुफ, विजय पासवान, अफसर रिजवी, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, प्रदीप पथरकट्ट, राज्य महिला आयोग की सदस्य जुबैदा चौधरी, खुर्शीद अहमद, सोनू यादव, अब्दुल कलाम, जोखन चौधरी, अबू बकर, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष आशीष अग्रहरि और सत्यानंद सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन