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गांव को मैरुंड घोषित करने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 04 Aug 2016 10:33 PM IST
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डुमरियागंज स्थित एसडीएम कार्यालय पर बाढ़ प्रभावित गांव रमवापुर उर्फ नेबुआ को मैरुंड घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डुमरियागंज। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव के करीब तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने अपने गांव को मैरुंड घोषित किए जाने व सरकारी मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एसडीएम की अनुपस्थिति में ज्ञापन कार्यालय में तैनात कर्मचारी को सौंपा।
दोपहर करीब 2 बजे रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव के रमेशचंद्र, विचारदास, नंद कुमार, खदेरु प्रसाद गौतम, सूरसती, तिलकराम, सुमरता, उगरा, निर्मला, विमला, इंद्रावती, सोना देवी, भुल्लुर, हरिराम, रामसमुझ आदि ग्रामीण पहले बसपा कार्यालय पर पहुंचे।
वहां से बसपा नेता जहीर मलिक व इकबाल मलिक की अगुवाई में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देते हुए बताया कि मौजूदा स्थिति में उन लोगों का गांव पूरी तरह से पानी से घिरा हुआ है।
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धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे में रमवापुर उर्फ नेबुआ को मैरुंड घोषित किया जाए और बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज विनय कुमार पाठक ने बताया कि फिलहाल डुमरियागंज में मौजूद नहीं हैं। अगर ग्रामीणों ने उनके कार्यालय पर ज्ञापन दिया है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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दोपहर करीब 2 बजे रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव के रमेशचंद्र, विचारदास, नंद कुमार, खदेरु प्रसाद गौतम, सूरसती, तिलकराम, सुमरता, उगरा, निर्मला, विमला, इंद्रावती, सोना देवी, भुल्लुर, हरिराम, रामसमुझ आदि ग्रामीण पहले बसपा कार्यालय पर पहुंचे।
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वहां से बसपा नेता जहीर मलिक व इकबाल मलिक की अगुवाई में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देते हुए बताया कि मौजूदा स्थिति में उन लोगों का गांव पूरी तरह से पानी से घिरा हुआ है।
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धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे में रमवापुर उर्फ नेबुआ को मैरुंड घोषित किया जाए और बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज विनय कुमार पाठक ने बताया कि फिलहाल डुमरियागंज में मौजूद नहीं हैं। अगर ग्रामीणों ने उनके कार्यालय पर ज्ञापन दिया है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।