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Siddharthnagar News: अस्पतालों में सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी, आग लगी तो मचेगी तबाही

Sun, 17 Nov 2024 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 17 Nov 2024 01:47 AM IST
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Security arrangements in hospitals are inadequate, if fire breaks out it will cause devastation
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आग बुझाने का बंदोबस्त नाकाफी है। मेडिकल कॉलेज में फायर पंप सुविधा अभी अधर में हैं तो वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर और बुरा हाल है।
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फायर पंप की बात दूर पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर भी नहीं हैं, ऐसे आग बड़ी तबाही मचा सकती है। शोहरतगढ़ सीएचसी में लगा सिलिंडर भी एक्सपायर पाया गया। जिले में भी एसनएसीयू वार्ड में शार्ट-सर्किट से आग लगने की घटना सामने आ चुकी है। बावजूद इसके जिम्मेदार व्यवस्था को सुधारने में शिथिल हैं।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज की पड़ताल की गई तो इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक हर जगह फायर सिलिंडर लटका हुआ मिला। सभी पर उत्पादन तिथि वर्ष 2023 अंकित पाया गया। लेकिन किसी पर एक्सपार की तिथि अंकित नहीं पाया गया। दवा वितरण कक्ष के पास तीन सिलिंडर टंगा था।
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इसमें एक पर जंक लगा मिला और उसकी उत्पादन तिथि 2019 अंकित था, जो एक्सपायर हो चुका था। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी से लेकर ओपीडी आग बुझाने के लिए पाइप लाइन तो बिछा मिला, लेकिन पता किया गया तो अस्पताल में काम करने वालों ने बताया कि लगभग एक साल से काम चल रहा है, अभी तक पूरा ही नहीं हो पाया है। इसके आगे एसएनसीयू एक सिलिंडर लगा मिला जो लाल निशान पर सूई टिकी थी, जो काम करने योग्य नहीं था। ऐसा लोगों ने जानकारी दी।
वहीं, आग बुझाने के लिए बिछ रही पाइप उस वार्ड तक पहुंचने से पहले ही छोड़ दी गई है। ओपीडी में 1500-1800 मरीज आते हैं। जबकि, भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 500 से अधिक है। इसके अलावा उनके तीमारदार रहते हैं।
वहीं, एसएनसीयू वार्ड 20 बेड का है, जहां पर हमेशा नवजात बच्चे भर्ती रहते हैं। इसी के बगल में 15 बेड का पीआईसीयू वार्ड है, जहां हमेशा बच्चे भर्ती रहते हैं। ऐसे में यहां आग से बचाव के बेहतर इंतजाम की जरूरत है जो की मौजूदा समय में केवल फायर सिलिंडर के भरोसे टिकी है।
12 अग्निशमन सिलेंडर के भरोसे बेवां व पांच से सीएचसी सिरसिया की सुरक्षा: डुमरियागंज के सीएचसी वेवां व भनवापुर के सीएचसी सिरसिया में अगलगी के घटनाओं से निपटने के लिए प्रयाप्त संसाधनों का अभाव है। सीएचसी बेवां में प्रति दिन तीन से चार सौ मरीजों का इलाज होता है, वहीं एक दर्जन से अधिक मरीज भर्ती भी रहते हैं। इस अस्पताल में आग से निपटने के लिए मात्र 12 अग्निशमन सिलिंडर ही उपलब्ध हैं।

वाॅटर पंप की सप्लाई तो अस्पताल में है, मगर टूटा फूटा होने के कारण समय पर उपयोग नहीं किया जा सकता। भनवापुर के सीएचसी सिरसिया में कुल पांच अग्निशमन सिलिंडर ही मौजूद है। मरम्मत का कार्य होने के कारण सभी संसाधन अव्यवस्थित है।
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