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Siddharthnagar News: प्रदूषण नियंत्रण सहित सभी नियम होंगे पूरे तभी चलेंगे स्कूल वाहन
Fri, 26 Jun 2026 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। विद्यालय खुलने के साथ ही स्कूल वाहनों की सुरक्षा और मानकों के पालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। निर्देश है कि जनपद में कोई भी स्कूली वाहन तभी सड़क पर दौड़ेगा, जब वह परिवहन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण, फिटनेस, बीमा और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरे।
नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए विशेष जांच समिति गठित कर डोर-टू-डोर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें संभागीय परिवहन विभाग को नियमित अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी और उसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएगी है। जिलाधिकारी स्तर से विद्यालय वाहनों की जांच की मॉनिटरिंग होगी।
जनपद में नगर से देहात तक बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें बिना मानक और पंजीकरण वाले वाहनों की संख्या अधिक है। परिवहन विभाग के अनुसार 700 से अधिक स्कूली वाहन पंजीकृत हैं जबकि, निजी स्कूलों द्वारा संचालित छोटे-बड़े वाहनों को मिलाकर इनकी वास्तविक संख्या हजार से भी अधिक मानी जा रही है। घटनाओं को देखते हुए शासन विद्यालय वाहन की जांच को लेकर सख्त है।
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चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव, स्वास्थ्य परीक्षण और परिचालकों की उपलब्धता की भी जांच की जाएगी। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, आपातकालीन निकास बंद रखने, खराब टायर, टूटे शीशे या अन्य खामियों वाले वाहनों को किसी भी स्थिति में संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।
इस संबंध में एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से मिले निर्देश के क्रम में विद्यालय वाहनों की जांच शुरू की गई है। जांच करके गड़बड़ी पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।न
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नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए विशेष जांच समिति गठित कर डोर-टू-डोर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें संभागीय परिवहन विभाग को नियमित अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी और उसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएगी है। जिलाधिकारी स्तर से विद्यालय वाहनों की जांच की मॉनिटरिंग होगी।
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जनपद में नगर से देहात तक बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें बिना मानक और पंजीकरण वाले वाहनों की संख्या अधिक है। परिवहन विभाग के अनुसार 700 से अधिक स्कूली वाहन पंजीकृत हैं जबकि, निजी स्कूलों द्वारा संचालित छोटे-बड़े वाहनों को मिलाकर इनकी वास्तविक संख्या हजार से भी अधिक मानी जा रही है। घटनाओं को देखते हुए शासन विद्यालय वाहन की जांच को लेकर सख्त है।
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चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव, स्वास्थ्य परीक्षण और परिचालकों की उपलब्धता की भी जांच की जाएगी। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, आपातकालीन निकास बंद रखने, खराब टायर, टूटे शीशे या अन्य खामियों वाले वाहनों को किसी भी स्थिति में संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।
इस संबंध में एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से मिले निर्देश के क्रम में विद्यालय वाहनों की जांच शुरू की गई है। जांच करके गड़बड़ी पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।न