फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Sapling in the grip of malnutrition

कुपोषण की गिरफ्त में नौनिहाल

Thu, 28 Jan 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर Updated Thu, 28 Jan 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
बुद्ध के क्रीड़ांगन में बचपन खतरे में है। यहां जन्म लेने वाले बच्चों को पर्याप्त पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा। हालत यह है कि 15895 बच्चे अति कुपोषित हो चुके हैं।
विज्ञापन


करीब 60 हजार नौनिहाल कुपोषित की श्रेणी में है। यह हाल तब है, जब बचपन बचाने के लिए पूरा तंत्र जोर-शोर से जुटा हुआ है।

तमाम कवायदों और हो-हल्ला के बावजूद बच्चों को खुशहाल बचपन दे पाने में नाकाम हैं।जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या करीब 3 लाख है। इसमें 75 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण की चपेट में हैं।
विज्ञापन


इन्हें पर्याप्त पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा। ऐसे में इन बच्चों की सेहत पर खतरा बरकरार है। तमाम बीमारियां इनके इर्द-गिर्द घूम रही हैं।

सबसे ज्यादा खतरे में नवजात शिशु हैं। मानकों के तहत जन्म लेने वाले बच्चे का न्यूनतम वजन 2 किलो 100 ग्राम तक होना चाहिए, मगर अधिकांश बच्चे इसे भी पूरा नहीं कर पा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मतलब साफ है कि बच्चों को गर्भ में ही पौष्टिक आहार की पूर्ति नहीं हो रही। कहीं पिछड़ापन कारण है तो ज्यादातर क्षेत्रों में इसका मूल कारण अज्ञानता और जागरूकता की कमी है।


बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता गंभीर नहीं दिखते। नियमित टीकाकरण और पौष्टिक खुराक के अभाव में गर्भ में बच्चों को पोषण नहीं मिल पा रहा। लिहाजा जन्म लेते ही वह खतरों से जूझने को मजबूर हो रहे हैं। कुपोषण के कारण उनका बचपन सामान्य नहीं रह रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed