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Siddharthnagar News: एक साल से रुकी थी वेतन वृद्धि, अब हुआ आदेश
Mon, 22 May 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 22 May 2023 12:24 AM IST
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सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा पर विभिन्न पदों पर कार्यरत एक हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को वर्ष 2022 में बढ़ा पांच प्रतिशत मानदेय वृद्धि का लाभ दे दिया गया है। इस बार पांच प्रतिशत वृद्धि करके मानदेय खाते में भेजा गया है। अमर उजाला ने एक हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की पांच प्रतिशत एक साल से अटकी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। मामले का संज्ञान लेते हुए शासन ने मानदेय में वृद्धि कर दी है। इससे स्वास्थ्यकर्मी खुश हो गए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल और जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। इसमें एएनएम, स्टाफ नर्स, डाटा इंट्री ऑपरेटर, हेल्प डेस्क आदि पर कार्यरत हैं। इनका मानदेय 12-25 हजार रुपये प्रतिमाह तक है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक नियम है कि हर वर्ष कम से कम मूल के हिसाब से पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। जो वर्ष के अप्रैल माह से लगती है। अप्रैल 2022 में पांच प्रतिशत वृद्धि का आदेश हुआ था। पूरा सत्र बीत गया। नया सत्र शुरू हो गया, लेकिन अभी तक बीते वर्ष की वृद्धि मानदेय में नहीं जोड़ा गया है। इस समस्या को लेकर स्वास्थ्यकर्मी परेशान थे। मामला संज्ञान में आने के बाद अमर उजाला ने पांच मई के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से मामला शासन के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद कागजी कार्रवाई करके पांच प्रतिशत मानदेय वृद्धि करके उनके बैंक खाते में इसबार भेजा गया है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैनात संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के बैंक खाते में मानदेय भेजा गया है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल और जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। इसमें एएनएम, स्टाफ नर्स, डाटा इंट्री ऑपरेटर, हेल्प डेस्क आदि पर कार्यरत हैं। इनका मानदेय 12-25 हजार रुपये प्रतिमाह तक है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक नियम है कि हर वर्ष कम से कम मूल के हिसाब से पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। जो वर्ष के अप्रैल माह से लगती है। अप्रैल 2022 में पांच प्रतिशत वृद्धि का आदेश हुआ था। पूरा सत्र बीत गया। नया सत्र शुरू हो गया, लेकिन अभी तक बीते वर्ष की वृद्धि मानदेय में नहीं जोड़ा गया है। इस समस्या को लेकर स्वास्थ्यकर्मी परेशान थे। मामला संज्ञान में आने के बाद अमर उजाला ने पांच मई के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से मामला शासन के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद कागजी कार्रवाई करके पांच प्रतिशत मानदेय वृद्धि करके उनके बैंक खाते में इसबार भेजा गया है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैनात संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के बैंक खाते में मानदेय भेजा गया है।
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