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Siddharthnagar News: नेपाल के लुंबिनी में रखी गई रूसी बौद्ध मंदिर की आधारशिला
Sun, 19 Nov 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Nov 2023 12:46 AM IST
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वर्ष 2025 तक पूरा हो जाएगा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। नेपाल स्थित महात्मा बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में रूसी बौद्ध मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस संरचना का निर्माण, नेपाल में रूसी दूतावास, रूस-नेपाल मैत्री संघ, रूसी बौद्ध मंदिर निर्माण फाउंडेशन और रूसी बौद्ध तीर्थयात्रियों की संयुक्त पहल पर तीन सौ मिलियन नेपाली रुपये के निवेश से शुरू हुआ है।
रूसी मठ नेपाल के संयोजक प्रवीण गौचन ने बताया कि एक बीघा जमीन पर रूसी मठ के आकार में मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। वह वर्ष 2025 तक पूर्ण हो जाएगा। नेपाल में रूसी राजदूत असेकसी नोविकोव ने रूस से आए बौद्ध भिक्षुओं की मौजूदगी में मंदिर की आधारशिला रखी।
शिलान्यास समारोह में रूसी राजदूत ने कहा कि नेपाल-रूस मैत्रीपूर्ण संबंधों में संस्कृति साझा करने के उद्देश्य से बुद्ध की जन्मस्थली की भूमि पर रूसी मठ का निर्माण शुरू किया गया है। रूसी बौद्ध मंदिर नेपाल और रूस के संबंधों में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी होगा।
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रूस-नेपाल मैत्री सोसायटी के उपाध्यक्ष दीनानाथ राज भंडारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के इस प्रयास ने संस्कृति के संरक्षण में बुद्ध भूमि नेपाल की पहचान को और उजागर किया है। रशियन बुद्धिस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एलेक वायासिलो ने कहा कि मंदिर निर्माण से नेपाल दुनिया में शांति का संदेश देने वाला स्रोत बन जाएगा।
लुंबिनी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुवर्णा लाल बजराचार्य ने कहा कि लुंबिनी से बहने वाले शांति के संदेश को दुनिया भर के लोगों द्वारा महत्व के साथ देखा जाएगा। लुंबिनी डेवलपमेंट फंड के मुताबिक, संरचनाओं के निर्माण के लिए 40 देशों और संगठनों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रूस, एक ऐसा देश जहां की लगभग 12 प्रतिशत आबादी बौद्ध है। अगले दो वर्षों में मंदिर का निर्माण पूरा जाएगा।
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वर्ष 2025 तक पूरा हो जाएगा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। नेपाल स्थित महात्मा बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में रूसी बौद्ध मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस संरचना का निर्माण, नेपाल में रूसी दूतावास, रूस-नेपाल मैत्री संघ, रूसी बौद्ध मंदिर निर्माण फाउंडेशन और रूसी बौद्ध तीर्थयात्रियों की संयुक्त पहल पर तीन सौ मिलियन नेपाली रुपये के निवेश से शुरू हुआ है।
रूसी मठ नेपाल के संयोजक प्रवीण गौचन ने बताया कि एक बीघा जमीन पर रूसी मठ के आकार में मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। वह वर्ष 2025 तक पूर्ण हो जाएगा। नेपाल में रूसी राजदूत असेकसी नोविकोव ने रूस से आए बौद्ध भिक्षुओं की मौजूदगी में मंदिर की आधारशिला रखी।
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शिलान्यास समारोह में रूसी राजदूत ने कहा कि नेपाल-रूस मैत्रीपूर्ण संबंधों में संस्कृति साझा करने के उद्देश्य से बुद्ध की जन्मस्थली की भूमि पर रूसी मठ का निर्माण शुरू किया गया है। रूसी बौद्ध मंदिर नेपाल और रूस के संबंधों में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी होगा।
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रूस-नेपाल मैत्री सोसायटी के उपाध्यक्ष दीनानाथ राज भंडारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के इस प्रयास ने संस्कृति के संरक्षण में बुद्ध भूमि नेपाल की पहचान को और उजागर किया है। रशियन बुद्धिस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एलेक वायासिलो ने कहा कि मंदिर निर्माण से नेपाल दुनिया में शांति का संदेश देने वाला स्रोत बन जाएगा।
लुंबिनी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुवर्णा लाल बजराचार्य ने कहा कि लुंबिनी से बहने वाले शांति के संदेश को दुनिया भर के लोगों द्वारा महत्व के साथ देखा जाएगा। लुंबिनी डेवलपमेंट फंड के मुताबिक, संरचनाओं के निर्माण के लिए 40 देशों और संगठनों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रूस, एक ऐसा देश जहां की लगभग 12 प्रतिशत आबादी बौद्ध है। अगले दो वर्षों में मंदिर का निर्माण पूरा जाएगा।