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पेट्रोलिंग के दौरान रेल पटरी पर गिरने से आरपीएफ के जवान की मौत
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साथी जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देते रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी और जवान।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
पेट्रोलिंग के दौरान रेल पटरी पर गिरने से आरपीएफ के जवान की मौत
गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर स्थित बढ़नी रेलवे स्टेशन पर लगी थी स्पेशल ड्यूटी
डुमरियागंज/बढ़नी। गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर स्थित बढ़नी और परसा रेलवे स्टेशन के मध्य बृहस्पतिवार भोर में पेट्रोलिंग के समय पैर फिसल जाने से पटरी पर गिरकर आरपीएफ के जवान की मौत हो गई। कस्बा हल्लौर निवासी आरपीएफ जवान स्पेशल ड्यूटी पर था। आरपीएफ की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम हुआ। शव को गांव लाकर गार्ड ऑफ आनर के साथ दफन किया गया।
डुमरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम हल्लौर निवासी खुर्शीद अहमद के पुत्र सुलेमान खुर्शीद रिजवी (40) आरपीएफ में मनकापुर में तैनात थे। इस समय उनकी बढ़नी स्थित रेलवे स्टेशन पर विशेष ड्यूटी लगी थी। बुधवार रात 1.35 बजे के दौरान सुलेमान खुर्शीद अपने हमराही जवानों के साथ बढ़नी परसा के मध्य पेट्रोलिंग कर रहे थे। उनका पैर फिसल गया और वह रेलवे ट्रैक के नीचे पटरी पर गिर गए। सिर में गंभीर चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी ले गए। वहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुलेमान खुर्शीद अपने पीछे पत्नी व दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं।
हादसे की खबर गांव पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
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इकलौते कमाऊ सदस्य थे सुलेमान खुर्शीद
डुमरियागंज/भारतभारी। आरपीएफ के जवान सुलेमान खुर्शीद अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। जबकि उनसे बड़ी एक बहन हैं। सबसे बड़े भाई की 15 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सुलेमान खुर्शीद अपने बूढ़े मां-बाप सहित पूरे परिवार के इकलौते पालनहार थे। सरल स्वभाव, हंसमुख मिजाज सुलेमान के मित्रों की लंबी टोली थी। जब भी वह छुट्टी पर गांव आते, दोस्त साथ हो जाते थे। उनके माता-पिता उनके के साथ मनकापुर तैनाती स्थल पर रहते थे। हादसे के बाद पिता खुर्शीद अहमद और माता शहनाज का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, उसके बच्चे और बीवी भी उसकी मौत से सदमें में हैं। बृहस्पतिवार की सुबह जैसे ही हादसे की खबर गांव में सार्वजनिक हुई मृतक जवान के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। सुलेमान खुर्शीद के परिजनों की विलाप को देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं।
एथलेटिक्स से मिली पहचान, बने आरपीएफ के जवान
डुमरियागंज। हादसे का शिकार हुए सुलेमान खुर्शीद बहुमुखी प्रतिभा संपन्न थे। बचपन से ही उन्हें कला और साहित्य तथा संगीत से बेहद लगाव था। प्राथमिक शिक्षा से स्नातक पढ़ाई के दौरान वह ब्लॉक, तहसील और जनपद, मंडल ही नहीं प्रदेश स्तर की एथलीट प्रतियोगिता में शामिल होते थे। उन्होंने कई मेडल भी हासिल किए थे। रेसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत वह आरपीएफ में 2005 में भर्ती हुए थे। उनके असामयिक निधन से हर कोई हतप्रभ है।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद किए गए सुपुर्द-ए-खाक
डुमरियागंज। हल्लौर निवासी आरपीएफ जवान सुलेमान खुर्शीद को गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट रवि शंकर सिंह, कमांडेंट गोरखपुर एरिया संजय कुमार मिश्र, दिग्विजय नाथ सिंह, श्याम राज प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ बलरामपुर, एसएसआई जेपी यादव, बढनी प्रभारी आरपीएफ प्रमोद सिंह तथा मनकापुर, बस्ती, बलरामपुर, बढनी आरपीएफ स्टाफ के लोग की उपस्थिति में आरपीएफ जवान के शव पर तिरंगा डालने के बाद जवानों ने बृहस्पतिवार की शाम गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद उन्हें मुस्लिम रीति-रिवाज के मुताबिक, गांव स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। गांव के होनहार जवान की मौत से हर कोई दुखी है। उनके जनाजे में पूरा गांव ही नहीं, अगल-बगल के लोग भी उमड़ पड़े। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव पैतृक गांव हल्लौर पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर स्थित बढ़नी रेलवे स्टेशन पर लगी थी स्पेशल ड्यूटी
डुमरियागंज/बढ़नी। गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर स्थित बढ़नी और परसा रेलवे स्टेशन के मध्य बृहस्पतिवार भोर में पेट्रोलिंग के समय पैर फिसल जाने से पटरी पर गिरकर आरपीएफ के जवान की मौत हो गई। कस्बा हल्लौर निवासी आरपीएफ जवान स्पेशल ड्यूटी पर था। आरपीएफ की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम हुआ। शव को गांव लाकर गार्ड ऑफ आनर के साथ दफन किया गया।
डुमरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम हल्लौर निवासी खुर्शीद अहमद के पुत्र सुलेमान खुर्शीद रिजवी (40) आरपीएफ में मनकापुर में तैनात थे। इस समय उनकी बढ़नी स्थित रेलवे स्टेशन पर विशेष ड्यूटी लगी थी। बुधवार रात 1.35 बजे के दौरान सुलेमान खुर्शीद अपने हमराही जवानों के साथ बढ़नी परसा के मध्य पेट्रोलिंग कर रहे थे। उनका पैर फिसल गया और वह रेलवे ट्रैक के नीचे पटरी पर गिर गए। सिर में गंभीर चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी ले गए। वहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुलेमान खुर्शीद अपने पीछे पत्नी व दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं।
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हादसे की खबर गांव पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।
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इकलौते कमाऊ सदस्य थे सुलेमान खुर्शीद
डुमरियागंज/भारतभारी। आरपीएफ के जवान सुलेमान खुर्शीद अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। जबकि उनसे बड़ी एक बहन हैं। सबसे बड़े भाई की 15 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। सुलेमान खुर्शीद अपने बूढ़े मां-बाप सहित पूरे परिवार के इकलौते पालनहार थे। सरल स्वभाव, हंसमुख मिजाज सुलेमान के मित्रों की लंबी टोली थी। जब भी वह छुट्टी पर गांव आते, दोस्त साथ हो जाते थे। उनके माता-पिता उनके के साथ मनकापुर तैनाती स्थल पर रहते थे। हादसे के बाद पिता खुर्शीद अहमद और माता शहनाज का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, उसके बच्चे और बीवी भी उसकी मौत से सदमें में हैं। बृहस्पतिवार की सुबह जैसे ही हादसे की खबर गांव में सार्वजनिक हुई मृतक जवान के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। सुलेमान खुर्शीद के परिजनों की विलाप को देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं।
एथलेटिक्स से मिली पहचान, बने आरपीएफ के जवान
डुमरियागंज। हादसे का शिकार हुए सुलेमान खुर्शीद बहुमुखी प्रतिभा संपन्न थे। बचपन से ही उन्हें कला और साहित्य तथा संगीत से बेहद लगाव था। प्राथमिक शिक्षा से स्नातक पढ़ाई के दौरान वह ब्लॉक, तहसील और जनपद, मंडल ही नहीं प्रदेश स्तर की एथलीट प्रतियोगिता में शामिल होते थे। उन्होंने कई मेडल भी हासिल किए थे। रेसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत वह आरपीएफ में 2005 में भर्ती हुए थे। उनके असामयिक निधन से हर कोई हतप्रभ है।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद किए गए सुपुर्द-ए-खाक
डुमरियागंज। हल्लौर निवासी आरपीएफ जवान सुलेमान खुर्शीद को गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट रवि शंकर सिंह, कमांडेंट गोरखपुर एरिया संजय कुमार मिश्र, दिग्विजय नाथ सिंह, श्याम राज प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ बलरामपुर, एसएसआई जेपी यादव, बढनी प्रभारी आरपीएफ प्रमोद सिंह तथा मनकापुर, बस्ती, बलरामपुर, बढनी आरपीएफ स्टाफ के लोग की उपस्थिति में आरपीएफ जवान के शव पर तिरंगा डालने के बाद जवानों ने बृहस्पतिवार की शाम गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद उन्हें मुस्लिम रीति-रिवाज के मुताबिक, गांव स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। गांव के होनहार जवान की मौत से हर कोई दुखी है। उनके जनाजे में पूरा गांव ही नहीं, अगल-बगल के लोग भी उमड़ पड़े। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव पैतृक गांव हल्लौर पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।